झारखंड

झारखंड कांग्रेस की राजनीति में नया मोड़, श्वेता-खड़गे मुलाकात

Saba Naaz
10 July 2026 7:51 PM IST
झारखंड कांग्रेस की राजनीति में नया मोड़, श्वेता-खड़गे मुलाकात
x

बोकारो। झारखंड कांग्रेस में राज्यसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी की हार के बाद जारी राजनीतिक हलचल के बीच बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद झारखंड कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि मुलाकात के दौरान संगठन को मजबूत करने, पार्टी की आगामी रणनीति और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। हालांकि, इस बैठक को लेकर दोनों नेताओं की ओर से कोई विस्तृत राजनीतिक बयान सामने नहीं आया है।

राज्यसभा चुनाव में हार के बाद बढ़ी बेचैनी

झारखंड में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी प्रवीण झा की हार के बाद पार्टी के भीतर मंथन का दौर जारी है। झामुमो गठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस के लिए यह हार बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि गठबंधन के पास जीत के लिए पर्याप्त संख्या बल होने का दावा किया जा रहा था।

इसके बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी के अंदर कई सवाल उठने लगे हैं। चुनाव परिणाम के बाद से ही झारखंड कांग्रेस में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और नेताओं की दिल्ली दौड़ भी बढ़ गई है।

खड़गे से मुलाकात को लेकर चर्चाएं तेज

शुक्रवार को बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। इस मुलाकात को राज्यसभा चुनाव के बाद पार्टी की स्थिति और संगठनात्मक मुद्दों से जोड़कर देखा जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में झारखंड में कांग्रेस की स्थिति, कार्यकर्ताओं की भूमिका और आने वाले समय में संगठन को मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई। पार्टी नेतृत्व राज्य में संगठन को और सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

कांग्रेस में अंदरूनी नाराजगी की चर्चा

राज्यसभा चुनाव के बाद झारखंड कांग्रेस में अंदरूनी नाराजगी की खबरें भी सामने आई हैं। राज्य के वित्त मंत्री और कांग्रेस विधायक राधाकृष्ण किशोर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज बताए जा रहे हैं। उन्होंने अपनी सुरक्षा सरकार को वापस कर दी है।

हालांकि, पार्टी की ओर से इस मामले को लेकर कोई बड़ा बयान नहीं दिया गया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।

वोटिंग को लेकर उठे सवाल

राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के राज्य प्रभारी के. राजू ने राजद और भाकपा (माले) के विधायकों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवाणी के पक्ष में मतदान करने का आरोप लगाया था।

हालांकि, चुनाव परिणाम के बाद कुछ कांग्रेस विधायकों की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी के अंदर इस बात को लेकर मंथन चल रहा है कि आखिर गठबंधन के पास संख्या बल होने के बावजूद हार कैसे हुई।

संगठन को मजबूत करने की तैयारी

कांग्रेस नेतृत्व अब झारखंड में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रहा है। नेताओं के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं और संगठनात्मक कमियों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है।

श्वेता सिंह की खड़गे से मुलाकात को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी आने वाले समय में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की तैयारी कर रही है।

फिलहाल झारखंड कांग्रेस में जारी सियासी गतिविधियों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। राज्यसभा चुनाव के बाद पैदा हुई स्थिति को लेकर पार्टी नेतृत्व जल्द ही कोई बड़ा कदम उठा सकता है।

Next Story