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खाद्य उत्पाद
जमशेदपुर: भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के निर्देशों के बावजूद जमशेदपुर के कई बड़े स्टोरों में कथित तौर पर भ्रामक नाम और पैकेजिंग वाले खाद्य उत्पाद बिकने का मामला सामने आया है। जांच के दौरान किंडर जॉय और स्टिंग जैसे लोकप्रिय ब्रांडों से मिलते-जुलते नाम, डिजाइन या पैकेजिंग वाले उत्पाद दर्जनों दुकानों और स्टोरों में पाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था और बाजार में ऐसे उत्पादों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला ऐसे समय सामने आया है जब FSSAI ने खाद्य कारोबारियों को भ्रामक ब्रांडिंग, लेबलिंग और पैकेजिंग को लेकर पहले ही सख्त निर्देश दिए हैं। नियमों के तहत किसी खाद्य उत्पाद की प्रस्तुति ऐसी नहीं होनी चाहिए जिससे उपभोक्ता उसकी पहचान, गुणवत्ता, प्रकृति या किसी स्थापित ब्रांड से संबंध को लेकर भ्रमित हो।
बड़े स्टोरों तक कैसे पहुंचे उत्पाद?
बताया जा रहा है कि जांच में शहर के अलग-अलग हिस्सों के कई स्टोरों में ऐसे उत्पाद मिले। इनमें कुछ की पैकेजिंग और नाम बाजार में पहले से मौजूद लोकप्रिय उत्पादों से काफी मिलते-जुलते बताए गए। इससे खासकर बच्चों और सामान्य ग्राहकों के भ्रमित होने की आशंका जताई जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि अगर संबंधित उत्पाद नियमों के अनुरूप नहीं थे तो वे सप्लाई चेन से होते हुए बड़े रिटेल स्टोरों तक कैसे पहुंचे। इनके निर्माता, वितरक और थोक विक्रेताओं की भूमिका की पड़ताल भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
FSSAI के नियम क्या कहते हैं?
खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुसार पैकेज्ड खाद्य पदार्थों पर उत्पाद का सही नाम, सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी, निर्माण और एक्सपायरी से जुड़ी जानकारी तथा FSSAI लाइसेंस या पंजीकरण विवरण जैसे आवश्यक तथ्य स्पष्ट रूप से दिए जाने चाहिए। इसके अलावा विज्ञापन और प्रस्तुति में ऐसे दावे नहीं किए जा सकते जो ग्राहक को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति या गुणवत्ता के बारे में गुमराह करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारी या निर्माता के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई हो सकती है।
नमूने लेकर जांच की जरूरत
सिर्फ पैकेजिंग या नाम किसी लोकप्रिय ब्रांड जैसा दिखाई देने से किसी खाद्य पदार्थ को स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित घोषित नहीं किया जा सकता। उसकी गुणवत्ता और सुरक्षा का फैसला प्रयोगशाला जांच के आधार पर ही किया जा सकता है। इसलिए संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेकर उनकी सामग्री और मानकों की जांच महत्वपूर्ण होगी। अगर लैब रिपोर्ट में उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो उन्हें बाजार से हटाने के साथ निर्माता और विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
ग्राहकों को भी रहना होगा सतर्क
विशेषज्ञ उपभोक्ताओं को पैकेज्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय केवल ब्रांड के रंग या डिजाइन पर भरोसा नहीं करने की सलाह देते हैं। उत्पाद का पूरा नाम, निर्माता, FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तारीख, एक्सपायरी डेट और सामग्री की सूची जरूर देखनी चाहिए। खासकर बच्चों के लिए खरीदी जाने वाली चॉकलेट, कैंडी, स्नैक और पेय पदार्थों के मामले में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। किसी चर्चित ब्रांड से मिलता-जुलता नाम या पैकेज देखकर उत्पाद खरीदने से पहले उसकी वास्तविक पहचान जांचना बेहतर है। जमशेदपुर में सामने आए मामले के बाद अब नजर इस बात पर रहेगी कि खाद्य सुरक्षा विभाग इन उत्पादों की सप्लाई चेन की जांच करता है या नहीं और नियमों का उल्लंघन साबित होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
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