झारखंड

RIMS में MBBS छात्र का दाखिला विवादों में, जांच में बड़ा खुलासा

Saba Naaz
29 Jun 2026 8:37 PM IST
RIMS में MBBS छात्र का दाखिला विवादों में, जांच में बड़ा खुलासा
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रांची स्थित रिम्स (RIMS): एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र आशीष कुमार के जाति प्रमाण पत्र को फर्जी पाए जाने के बाद उनके नामांकन को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साहिबगंज के उपायुक्त (डीसी) की जांच रिपोर्ट में प्रमाण पत्र को गलत करार दिए जाने के बाद यह कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। रिम्स प्रशासन ने रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।

जानकारी के अनुसार, आशीष कुमार पर आरोप था कि उन्होंने गलत जाति प्रमाण पत्र के आधार पर एमबीबीएस में दाखिला लिया है। शिकायत मिलने के बाद रिम्स प्रशासन ने मामले की जांच के लिए साहिबगंज डीसी को पत्र भेजा था। जांच पूरी होने के बाद डीसी ने अपनी रिपोर्ट रिम्स को सौंप दी, जिसमें प्रमाण पत्र को फर्जी बताया गया है।

इसके बाद रिम्स प्रशासन अब छात्र का नामांकन रद्द करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर रहा है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों ने भी जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि इस तरह के मामलों की जांच में सीआईडी भी सक्रिय है, जो रिम्स में दाखिले से जुड़े दस्तावेजों की समीक्षा कर रही है।

गौरतलब है कि 24 जून को सीआईडी ने रिम्स में पहुंचकर कुछ विद्यार्थियों से पूछताछ की थी और कई दस्तावेज अपने साथ ले गई थी। इससे पहले भी इसी तरह के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, जिसमें फर्जी प्रमाण पत्र पाए जाने पर नामांकन रद्द किए गए हैं।

वर्ष 2025 बैच के एक अन्य मामले में छात्रा काजल कुमारी का जाति प्रमाण पत्र जांच के बाद फर्जी पाया गया था, जिसके बाद उनका नामांकन दिसंबर 2025 में रद्द कर दिया गया था। इसी तरह बीडीएस की छात्रा ओली विश्वकर्मा का प्रमाण पत्र भी जांच में फर्जी पाया गया और उनका भी दाखिला रद्द कर दिया गया।

रिम्स में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने नामांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी संदिग्ध मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है और नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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