झारखंड

मृत समझकर किया श्राद्ध, जेल में जिंदा मिला शख्स

Saba Naaz
22 July 2026 6:43 PM IST
मृत समझकर किया श्राद्ध, जेल में जिंदा मिला शख्स
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झारखंड: गोइलकेरा थाना क्षेत्र से सामने आया एक हैरान कर देने वाला मामला इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। जिस व्यक्ति को परिजनों ने छह साल पहले मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार और श्राद्ध तक कर दिया था, वह उत्तर प्रदेश की गोरखपुर जेल में जीवित मिला। इतना ही नहीं, अदालत ने उसे हत्या के एक मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा भी सुना दी है। इस घटना के बाद परिवार और गांव के लोग हैरान हैं।

मामला गोइलकेरा थाना क्षेत्र की आराहासा पंचायत के बोरोई गांव का है। यहां रहने वाला 38 वर्षीय दुगा मारला उर्फ दोगे वर्ष 2020 में अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था। जानकारी के अनुसार, दुगा अपनी बहन के घर सोनुआ प्रखंड के नुवागांव गया था। वहीं से वह अचानक गायब हो गया। परिवार ने काफी समय तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद परिजनों ने उसे मृत मान लिया। ग्रामीण परंपरा के अनुसार परिवार ने दुगा का अंतिम संस्कार और क्रियाकर्म भी कर दिया। परिवार के लिए यह मान लेना आसान नहीं था, लेकिन लगातार तलाश के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने से उन्होंने उसकी मौत की आशंका स्वीकार कर ली थी।

दुगा के गायब होने के बाद उसकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली। वहीं, उसके तीन बच्चों की जिम्मेदारी उसके भाई सेड़गा मारला ने संभाल ली और उनकी परवरिश करने लगा। परिवार को लंबे समय तक यही विश्वास रहा कि दुगा अब इस दुनिया में नहीं है।

लेकिन छह साल बाद अचानक सामने आई जानकारी ने पूरे परिवार को हैरान कर दिया। परिजनों को पता चला कि दुगा मारला जीवित है और वह उत्तर प्रदेश की गोरखपुर जेल में बंद है। गोरखपुर की अदालत ने उसे हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

गोरखपुर के अपर सत्र न्यायाधीश नितिन कुमार ठाकुर की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दुगा को दोषी माना। अदालत ने उसे उम्रकैद के साथ एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला वर्ष 2021 का है।

पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2021 को गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के उनौला दोयम निवासी महाजन रात के समय रेलवे स्टेशन के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान दुगा मारला ने कथित तौर पर उनके सिर पर ईंट से हमला कर दिया। हमले में महाजन की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच करते हुए दुगा को गिरफ्तार किया और उसे जेल भेज दिया गया।

इस मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। परिजनों ने बताया कि अक्टूबर 2025 में उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति का संदेश आया था। इसमें दुगा के गोरखपुर जेल में बंद होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, परिवार ने उस समय इस संदेश को फर्जी समझकर नजरअंदाज कर दिया था।

अब जब अदालत का फैसला सामने आया और दुगा के जीवित होने की पुष्टि हुई, तो परिवार और गांव में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। जिस व्यक्ति का परिवार श्राद्ध कर चुका था, उसके जिंदा मिलने और फिर हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाने की कहानी लोगों के लिए किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लग रही है।

फिलहाल दुगा मारला गोरखपुर जेल में सजा काट रहा है। वहीं, उसके परिवार के लिए यह खबर एक साथ कई भावनाएं लेकर आई है। छह साल पहले जिस व्यक्ति को खोया हुआ मान लिया गया था, उसके जीवित होने की जानकारी जहां हैरान करने वाली है, वहीं हत्या के मामले में दोषी पाए जाने की खबर ने परिवार को एक नई चिंता में डाल दिया है।

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