झारखंड

CMPDI का मुनाफा बढ़ा, BCCL बोर्ड ने दी मंजूरी

Saba Naaz
22 July 2026 6:31 PM IST
CMPDI का मुनाफा बढ़ा, BCCL बोर्ड ने दी मंजूरी
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झारखण्ड: कोयला क्षेत्र की दिग्गज कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के आगामी तिमाही नतीजों को लेकर निवेशकों और उद्योग जगत में उत्सुकता बढ़ गई है। कंपनी के निदेशक मंडल की 27 जुलाई को होने वाली बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 तक के वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी जाएगी। इसके साथ ही अंतरिम लाभांश (इंटरिम डिविडेंड) को लेकर भी फैसला लिया जा सकता है।

कोल इंडिया की मजबूत लाभांश नीति को देखते हुए बाजार विशेषज्ञों और निवेशकों को इस बार भी अच्छे डिविडेंड की उम्मीद है। कंपनी की ओर से जारी होने वाले तिमाही परिणामों में उत्पादन, कोयला डिस्पैच, ई-नीलामी से होने वाली आय, परिचालन लागत, शुद्ध लाभ और नकदी स्थिति जैसे प्रमुख आंकड़ों पर खास नजर रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोल इंडिया के तिमाही प्रदर्शन का असर केवल कंपनी के शेयरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी सभी अनुषंगी कंपनियों और पूरे कोयला उद्योग की बाजार धारणा पर भी प्रभाव पड़ेगा। देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में कोल इंडिया की अहम भूमिका है, इसलिए कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को उद्योग जगत में महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है।

इस बीच कोल इंडिया की तकनीकी और परामर्श इकाई सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट लिमिटेड (CMPDI) ने शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 54 प्रतिशत बढ़कर 116.3 करोड़ रुपये पहुंच गया है। वहीं, परिचालन से प्राप्त राजस्व में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। यह 18 प्रतिशत बढ़कर 481.4 करोड़ रुपये हो गया है।

बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के बाद CMPDI के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर में करीब सात प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। CMPDI के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.05 रुपये प्रति शेयर का पहला अंतरिम लाभांश भी घोषित किया है। कंपनी के बेहतर परिणामों से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।

दूसरी ओर, धनबाद स्थित भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के निदेशक मंडल की 444वीं बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में कंपनी की पहली तिमाही की ऑडिट रिपोर्ट को मंजूरी दी गई। इसके अलावा उत्पादन, कोयला डिस्पैच, सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय स्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।

BCCL बोर्ड ने कंपनी के परिचालन को और मजबूत करने के लिए कई रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में अतिरिक्त मानवबल के बेहतर इस्तेमाल की योजना तैयार करने पर भी सहमति बनी। कंपनी का लक्ष्य उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर उत्पादन क्षमता और परिचालन दक्षता को बढ़ाना है।

बैठक में अधिकारियों को उत्पादन बढ़ाने, सुरक्षा मानकों को और बेहतर बनाने तथा खनन गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। बोर्ड ने इस बात पर जोर दिया कि उत्पादन वृद्धि के साथ कर्मचारियों की सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

कोयला क्षेत्र में लगातार बढ़ती ऊर्जा मांग के बीच कोल इंडिया और उसकी सहयोगी कंपनियों के प्रदर्शन पर उद्योग जगत की नजर बनी हुई है। CMPDI के बेहतर नतीजों और BCCL के फैसलों के बाद अब सबसे ज्यादा इंतजार 27 जुलाई को होने वाली कोल इंडिया की बैठक का है। इस बैठक में आने वाले तिमाही परिणाम और अंतरिम लाभांश का फैसला कंपनी की आगे की दिशा और निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है।

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