16 साल पुराने नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में बड़ा फैसला

रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिले में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के करीब 16 साल पुराने मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विशाल श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी गौरांग रॉय को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला रामगढ़ थाना कांड संख्या 339/2009 से जुड़ा है। कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड विधान की धारा 376(2)(जी) और 386 के तहत दोषी पाया।
सत्र वाद संख्या 100/2010 में अदालत ने 9 सितंबर 2026 को अपना फैसला सुनाया।
परीक्षा देने जा रही थी पीड़िता
मामले के अनुसार, पीड़िता अपने पिता के साथ परीक्षा देने के लिए पटना से रांची जा रही थी। इसी दौरान चुनावी कारणों से बस को रामगढ़ में रोक दिया गया था। यात्रियों को आगे जाने की अनुमति नहीं मिलने के कारण पीड़िता और उसके पिता को मजबूरी में रामगढ़ के एक होटल में रुकना पड़ा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, इसी दौरान होटल संचालक गौरांग रॉय ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया।
2009 में दर्ज हुई थी FIR
घटना 10 नवंबर 2009 की बताई गई है। इसके अगले दिन यानी 11 नवंबर 2009 को मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद करीब साढ़े 16 साल बाद अदालत ने मामले में फैसला सुनाया और आरोपी को दोषी ठहराया।
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक श्रद्धा जया टोप्पो ने पैरवी की। वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अरविंद कुमार गुप्ता अदालत में मौजूद रहे।
पीड़िता को मिलेगा 2 लाख रुपये मुआवजा
अदालत ने दोषी को सजा सुनाने के साथ ही पीड़िता को मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। पीड़िता को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके लिए फैसले की प्रति डालसा को भेजी गई है। झारखंड विक्टिम कंपनसेशन अधिनियम के तहत पीड़िता को उचित मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए डालसा सचिव अनिल कुमार को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
अदालत के फैसले से पीड़ित पक्ष को राहत
करीब 16 साल तक चले इस मामले में फैसला आने के बाद पीड़ित पक्ष को न्यायिक राहत मिली है। अदालत ने दोष साबित होने के बाद आरोपी को कठोर सजा सुनाई और पीड़िता के पुनर्वास के लिए मुआवजे का भी प्रावधान किया।





