
रांची: झारखंड हाई कोर्ट ने सरकारी नियुक्ति प्रक्रिया में उम्र सीमा में छूट देने की मांग को लेकर दाखिल कई याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अदालत ने साफ कहा कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए अधिकतम और न्यूनतम उम्र सीमा तय करना राज्य सरकार का नीतिगत अधिकार है। इसमें न्यायालय हस्तक्षेप नहीं कर सकता।
यह फैसला झारखंड तकनीकी विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2026 में अधिकतम उम्र सीमा को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान आया। हाई कोर्ट के जस्टिस एके चौधरी की अदालत में सोमवार को इस मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने याचिकाकर्ताओं को राहत देने से इनकार करते हुए सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में मांग की गई थी कि भर्ती प्रक्रिया में उम्र सीमा के कट ऑफ डेट में बदलाव किया जाए। प्रार्थियों का कहना था कि वर्तमान व्यवस्था में कई अभ्यर्थियों को उम्र सीमा के कारण आवेदन करने का मौका नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने अदालत से आग्रह किया था कि अधिकतम उम्र सीमा के लिए तय कट ऑफ डेट में बदलाव किया जाए।
याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि अधिकतम कट ऑफ उम्र सीमा की गणना एक अगस्त 2025 की जगह एक अगस्त 2015 के आधार पर की जाए। उनका तर्क था कि उम्र सीमा में राहत मिलने से अधिक संख्या में अभ्यर्थियों को प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सकेगा।
इस मामले में आलोक कुमार, खुशबू भारद्वाज सहित अन्य अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इन अभ्यर्थियों ने मत्स्य प्रसार पर्यवेक्षक, ब्लॉक स्टैटिकल सुपरवाइजर, ऑडिटर सहित अन्य पदों के लिए आवेदन किया था। उन्होंने उम्र सीमा में छूट की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की ओर से इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 500 से अधिक पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। इसमें तकनीकी योग्यता रखने वाले स्नातक अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं। भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि भर्ती नियमों में उम्र सीमा तय करना सरकार की नीतिगत प्रक्रिया का हिस्सा है। सरकार विभिन्न परिस्थितियों, प्रशासनिक जरूरतों और विभागीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उम्र सीमा निर्धारित करती है। इसलिए न्यायालय इस तरह के नीतिगत फैसलों में दखल नहीं दे सकता।
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद उन अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जो उम्र सीमा में राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे थे। अब भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों और विज्ञापन में जारी उम्र सीमा के आधार पर आगे बढ़ेगी।
अदालत के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि झारखंड तकनीकी विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2026 में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को तय उम्र सीमा के नियमों का पालन करना होगा। जिन उम्मीदवारों की उम्र निर्धारित सीमा से अधिक है, उन्हें इस भर्ती में राहत नहीं मिल पाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी भर्तियों में उम्र सीमा को लेकर अक्सर विवाद सामने आते हैं। कई बार अभ्यर्थी बदलती परिस्थितियों, भर्ती में देरी या लंबे समय तक पद खाली रहने का हवाला देकर उम्र सीमा में छूट की मांग करते हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में अंतिम निर्णय सरकार की भर्ती नीति और नियमों के आधार पर लिया जाता है।
झारखंड हाई कोर्ट के इस फैसले ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भर्ती प्रक्रिया में उम्र सीमा से जुड़े मामलों में सरकार की नीति को प्राथमिकता दी जाएगी। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि जब तक कोई नियम संविधान या कानून के खिलाफ न हो, तब तक नीतिगत फैसलों में न्यायिक हस्तक्षेप उचित नहीं है। अब झारखंड तकनीकी विशिष्ट योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2026 की प्रक्रिया तय नियमों के अनुसार जारी रहेगी।





