झारखंड

रांची के दो बिल्डरों पर IT की बड़ी कार्रवाई, 200 करोड़ की अघोषित आय उजागर

Saba Naaz
20 July 2026 6:30 PM IST
रांची के दो बिल्डरों पर IT की बड़ी कार्रवाई, 200 करोड़ की अघोषित आय उजागर
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रांची: रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े दो बड़े समूहों पर आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। आयकर विभाग के सर्वे में पानस रियल्टर्स और दयानंद मोदी समूह के खिलाफ करीब 200 करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा हुआ है। जांच के दौरान विभाग को जमीन मालिक और बिल्डर के बीच हुए ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट (JDA) में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी के सबूत मिले हैं। आयकर विभाग के अनुसार, इस मामले में करीब 80 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी सामने आई है, जिसकी वसूली के लिए अब कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने दोनों रियल एस्टेट समूहों से जुड़े कई ठिकानों पर सर्वे की कार्रवाई की थी। यह सर्वे अभियान तीन दिनों तक चला। इस दौरान विभाग की टीमों ने कंपनियों के वित्तीय लेन-देन, संपत्तियों, निवेश और अन्य दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य विभाग के हाथ लगे, जिनका सत्यापन लगभग पूरा कर लिया गया है।

जांच में सामने आया कि पानस रियल्टर्स और दयानंद मोदी समूह ने कई परियोजनाओं में जमीन मालिकों के साथ ज्वाइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट किया था। आयकर विभाग के मुताबिक, ऐसे समझौतों में नियमों के अनुसार टैक्स का भुगतान समय पर किया जाना जरूरी होता है। लेकिन जांच के दौरान पाया गया कि कुछ मामलों में नियमों का पालन नहीं किया गया और टैक्स भुगतान में गड़बड़ी की गई।

आयकर अधिकारियों के अनुसार, जमीन मालिक और बिल्डर के बीच हुए समझौतों में करीब 80 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। विभाग अब इस राशि की वसूली के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर जुर्माना और अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

सर्वे के दौरान आयकर विभाग ने दोनों समूहों से जुड़े ठिकानों से कई वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और लेन-देन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे। इन दस्तावेजों की जांच के बाद विभाग को अघोषित आय से जुड़े कई अहम सुराग मिले। अधिकारियों का मानना है कि रियल एस्टेट कारोबार में किए गए कुछ लेन-देन को आधिकारिक रिकॉर्ड में सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया था।

जांच में यह भी पता चला है कि दोनों समूहों ने कुछ काम बिना पर्याप्त दस्तावेजों के किए थे। इसके अलावा कई भुगतान नकद में किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। आयकर विभाग अब इन सभी लेन-देन की जांच कर रहा है। अधिकारियों को शक है कि नकद भुगतान के जरिए बड़ी रकम का हिसाब छिपाने की कोशिश की गई।

आयकर विभाग फ्लैट खरीदने वाले ग्राहकों से भी पूछताछ कर सकता है। जांच में सामने आया है कि कई फ्लैट खरीदारों ने भुगतान का बड़ा हिस्सा नकद में किया था। ऐसे ग्राहकों से भी विभाग यह जानकारी जुटाएगा कि उन्होंने किस तरीके से भुगतान किया और क्या सभी लेन-देन नियमों के अनुसार दर्ज किए गए थे।

आयकर अनुसंधान शाखा ने जिन परियोजनाओं और ठिकानों पर सर्वे किया, उनमें पानस रियल्टर्स और दयानंद मोदी समूह की कई बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें नारायण प्रसाद जालान के निर्देशन में संचालित पानस रियल्टर्स और दयानंद मोदी की संयुक्त परियोजना महिला महाविद्यालय के सामने स्थित पनास 99, लालपुर-कोकर रोड स्थित रोजवुड अपार्टमेंट और रातू रोड स्थित मोदी हाइट्स शामिल हैं।

तीन दिनों तक चली कार्रवाई के बाद आयकर विभाग ने अब आगे की जांच शुरू कर दी है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि अघोषित आय और टैक्स चोरी का दायरा कितना बड़ा है। साथ ही, इस मामले में जुड़े अन्य लोगों और कंपनियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

आयकर विभाग की इस कार्रवाई के बाद रांची के रियल एस्टेट कारोबार में हलचल तेज हो गई है। विभाग का कहना है कि टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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