झारखंड

ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई राधा स्वामी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गिरफ्तार

nidhi
3 Sept 2026 10:08 AM IST
ठगी मामले में बड़ी कार्रवाई राधा स्वामी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गिरफ्तार
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प्रदेश अध्यक्ष समेत चार गिरफ्तार

गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह में अलग-अलग योजनाओं के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पचंबा पुलिस ने राधा स्वामी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा, उनकी पत्नी अनीषा सिन्हा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चारों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले से जुड़े बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार लोगों को वाहन, आवास, जमा राशि और दूसरी योजनाओं में आकर्षक लाभ देने का कथित तौर पर भरोसा दिलाया गया था। आरोप है कि इन योजनाओं के जरिए बड़ी संख्या में लोगों से पैसे जमा कराए गए। शुरुआती जांच में पुलिस को करीब आठ से दस करोड़ रुपये की कथित ठगी से जुड़े साक्ष्य मिलने की बात सामने आई है। जांच आगे बढ़ने पर रकम का आंकड़ा बदल सकता है।

प्रदेश अध्यक्ष और पत्नी समेत चार गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश सिन्हा उर्फ मुकेश कुमार सिन्हा, उनकी पत्नी अनीषा सिन्हा, सुमित सिन्हा उर्फ सुमित कुमार सिन्हा और जितेंद्र कुमार उर्फ सुबोध सिंह शामिल हैं। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में गिरिडीह जेल भेज दिया गया। मामले में अमित सिन्हा नामक एक अन्य नामजद आरोपी फरार बताया गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इसके अलावा संगठन के मालिक और इससे जुड़े अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला
पुलिस के मुताबिक पचंबा थाना क्षेत्र के नावाटांड़ निवासी अमजद अंसारी की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू हुई। शिकायत में संगठन से जुड़े लोगों पर विभिन्न योजनाओं के नाम पर पैसे लेने और कथित तौर पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद पचंबा थाना में कांड संख्या 85/26 के तहत बीएनएस की संबंधित धाराओं और प्राइज चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम्स (बैनिंग) एक्ट 1978 के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
सस्ती गाड़ी दिलाने का दिया गया था भरोसा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि उसे कम कीमत पर चारपहिया वाहन दिलाने की बात कही गई थी। संगठन का सदस्य बनने और निर्धारित रकम देने के बाद गाड़ी मिलने तथा ईएमआई से संबंधित सुविधा का भरोसा दिलाया गया। शिकायत के मुताबिक उसने पांच लाख रुपये दिए थे। कुछ समय बाद फाइनेंस के जरिए वाहन भी मिला लेकिन आठ से दस महीने बाद ईएमआई का भुगतान बंद होने का आरोप है। इसके बाद फाइनेंस कंपनी की ओर से भुगतान के लिए संपर्क किया जाने लगा। इसी तरह अन्य लोगों ने भी अलग-अलग योजनाओं के नाम पर पैसे जमा कराने और बाद में परेशानी होने की शिकायत पुलिस के सामने रखी है।
60 से 70 प्रतिशत छूट का भी आरोप
पुलिस जांच में सामने आए आरोपों के अनुसार लोगों को कुछ योजनाओं में 60 से 70 प्रतिशत तक छूट जैसे आकर्षक प्रस्ताव दिए जाते थे। सस्ते दाम पर वाहन उपलब्ध कराने सहित कई तरह की योजनाओं के माध्यम से लोगों को पैसे जमा करने के लिए प्रेरित करने का आरोप है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन योजनाओं के जरिए कुल कितने लोगों से पैसे लिए गए और वास्तविक रकम कितनी है।
हजारों लोगों से ठगी का दावा
पुलिस कार्रवाई के बाद बड़ी संख्या में लोग पचंबा थाने पहुंचे और अपनी शिकायतें सामने रखीं। कई लोगों ने वाहन योजना, सुकन्या योजना, आवास योजना और डिपॉजिट जैसी योजनाओं में पैसा लगाने का दावा किया है। पीड़ितों का आरोप है कि पैसे के बदले उन्हें बॉन्ड पेपर, चेक और दूसरे दस्तावेज दिए गए थे। पुलिस इन दस्तावेजों की सत्यता की भी जांच कर रही है।
वाहनों को भी किया गया जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े दो चारपहिया वाहनों को जब्त किया है। इनमें एक टाटा सफारी और एक टाटा टिगोर शामिल बताई गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि वाहनों और दूसरी संपत्तियों की खरीद में कथित ठगी से प्राप्त रकम का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। बैंक खातों और लेन-देन के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं।
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी का पुराना मामला भी चर्चा में
इस मामले के बीच गांडेय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके शमीम अख्तर का नाम भी चर्चा में है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शमीम अख्तर को मौजूदा कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए चार लोगों में शामिल नहीं बताया गया है। उन्हें सितंबर 2025 में राधा स्वामी संगठन की वाहन योजना से जुड़े एक अलग धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया था। शमीम अख्तर ने जागरूक जनता पार्टी के टिकट पर गांडेय विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। पुराने मामले में उन पर वाहन दिलाने के नाम पर रकम लेने और फाइनेंस भुगतान से जुड़ी गड़बड़ी के आरोप लगे थे।
बैंक खातों और संपत्तियों की जांच
मौजूदा मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित योजनाओं का नेटवर्क कितना बड़ा था और इसमें अन्य किन लोगों की भूमिका रही। फिलहाल चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और एक नामजद आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कथित ठगी की कुल रकम और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
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