झारखंड

आकाशीय बिजली का कहर, तीन जिलों में 14 की मौत

Kavita2
5 Aug 2026 12:20 PM IST
आकाशीय बिजली का कहर, तीन जिलों में 14 की मौत
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रांची। झारखंड में मंगलवार को मौसम का कहर देखने को मिला। राज्य के गिरिडीह, दुमका और लातेहार जिलों में आकाशीय बिजली गिरने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग घायल हो गए। अचानक हुई इन घटनाओं से प्रभावित क्षेत्रों में मातम पसर गया है।

पुलिस के अनुसार, बिजली गिरने से हुई कुल 14 मौतों में सबसे अधिक नौ लोगों की जान गिरिडीह जिले में गई। वहीं, दुमका जिले में तीन और लातेहार जिले में दो लोगों की मौत हुई है। हादसों में घायल हुए चार लोगों का इलाज कराया जा रहा है।

गिरिडीह जिले में आकाशीय बिजली गिरने की सबसे ज्यादा घटनाएं सामने आईं। खोरीमहुआ के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) अमरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तीन थाना क्षेत्रों में बिजली गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तेज बारिश और खराब मौसम के बीच कई लोग खुले स्थानों पर मौजूद थे, इसी दौरान आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हादसे हुए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया।

गिरिडीह के प्रभावित क्षेत्रों में लोगों ने बताया कि अचानक मौसम खराब होने के बाद बिजली चमकने और तेज गर्जना का सिलसिला शुरू हो गया था। कुछ ही समय बाद अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने की घटनाएं हुईं, जिनमें लोगों की जान चली गई।

दुमका और लातेहार जिलों में भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत की घटनाएं सामने आईं। स्थानीय प्रशासन ने घटनाओं की जानकारी जुटाने के साथ पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

मानसून के दौरान झारखंड में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में खुले स्थानों, खेतों, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के आसपास खड़े रहना जोखिम भरा हो सकता है।

प्रशासन की ओर से लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की जाती रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सलाह दी जाती है कि बारिश और बिजली कड़कने के समय खुले मैदानों में जाने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवारों को नियमानुसार सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। अधिकारियों ने घटनाओं की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

आकाशीय बिजली से हुई इन मौतों के बाद प्रभावित गांवों में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द मदद उपलब्ध कराने की मांग की है।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के दौरान कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी रहती है। ऐसे मौसम में बिजली गिरने का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी और जागरूकता से ऐसे हादसों से बचाव किया जा सकता है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनाओं की जानकारी जुटाने और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने में लगी हैं। झारखंड में एक ही दिन में हुई इन मौतों ने एक बार फिर मानसून के दौरान सुरक्षा उपायों के महत्व को सामने ला दिया है।

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