झारखंड

रेप के आरोप में कानून हाथ में लिया, भीड़ ने युवक को मौत के घाट उतारा

Ratna Netam
5 Aug 2026 5:50 PM IST
रेप के आरोप में कानून हाथ में लिया, भीड़ ने युवक को मौत के घाट उतारा
x
झारखंड : चतरा जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव गांव में 16 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप के बाद उग्र भीड़ ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया, जिसके मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान मोहम्मद इमरोज के रूप में हुई है। आरोप है कि सोमवार शाम गांव की एक 16 वर्षीय किशोरी शौच के लिए घर से निकली थी, जिसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। मंगलवार सुबह जब वह वापस घर पहुंची तो उसने परिजनों को बताया कि पड़ोस में रहने वाले मोहम्मद इमरोज ने उसे कथित रूप से अगवा कर अपने घर में बंधक बनाकर दुष्कर्म किया।
पीड़िता की आपबीती सामने आने के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण इमरोज के घर के बाहर जमा हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भीड़ ने युवक को घर से बाहर निकाल लिया और लाठी-डंडों, लोहे की रॉड तथा पत्थरों से हमला कर दिया। भीड़ का गुस्सा इतना बढ़ गया कि बीच-बचाव करने पहुंचे उसके माता-पिता के साथ भी मारपीट की गई। बताया गया कि इमरोज के पिता को एक खंभे से बांध दिया गया, जबकि उसकी मां को भी गंभीर रूप से पीटा गया।
घटना की सूचना मिलने पर टंडवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि स्थानीय लोगों के एक वर्ग ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई। इस पर पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक युवक पर गंभीर हमला हो चुका था। पुलिस ने किसी तरह भीड़ से इमरोज को छुड़ाकर टंडवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हजारीबाग रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
टंडवा के एसडीपीओ प्रभात रंजन ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने घटनास्थल से मिले वीडियो फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है। अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पहली एफआईआर मृतक इमरोज के पिता की शिकायत पर मॉब लिंचिंग, हत्या और अन्य संबंधित धाराओं में दर्ज की गई है। दूसरी एफआईआर पीड़ित नाबालिग की शिकायत पर अपहरण, बंधक बनाने, दुष्कर्म तथा पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की जाएगी तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि कानून अपने हाथ में लेने की किसी को अनुमति नहीं दी जा सकती और दोषी चाहे किसी भी पक्ष के हों, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि गंभीर आरोपों की जांच और दोष तय करने का अधिकार केवल कानून और न्यायपालिका को है। पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
Next Story