
बोकारो/पाकुड़/जमशेदपुर/साहिबगंज। केंद्र सरकार के एमएमडीआर संशोधन विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा से मंजूरी मिलने के बाद झारखंड में इसका विरोध तेज होता दिखाई दे रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने विधेयक के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा शुरू कर दी है। बोकारो के जैनामोड़ में जिला जेएमएम कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद और चंदनकियारी विधायक उमाकांत राजक समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।
बैठक में केंद्रीय समिति के निर्देश पर एमएमडीआर संशोधन विधेयक को लेकर पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। जिला स्तर के नेताओं से विधेयक के विरोध और आंदोलन के संभावित तरीकों को लेकर सुझाव मांगे गए। इन सुझावों को पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक में रखा जाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि यदि जेएमएम की केंद्रीय समिति विधेयक के खिलाफ सर्वसम्मति से विरोध का निर्णय लेती है, तो पार्टी कार्यकर्ता केंद्र सरकार के खिलाफ व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि पार्टी इस विधेयक के खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को केंद्रीय समिति के सामने रखा जाएगा और वहां से अंतिम निर्णय आने के बाद आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
योगेंद्र प्रसाद ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विधेयक वापस नहीं लिया गया तो झारखंड से बाहर जाने वाले खनिजों के परिवहन और संयंत्रों में उत्पादन को रोकने जैसे कदमों पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि खनिज संसाधनों से जुड़े कर और राजस्व के मुद्दे का सीधा असर राज्य के विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर पड़ रहा है।
मंत्री ने कहा कि झारखंड से कोयला, लोहा, अभ्रक समेत कई खनिज संसाधन देश के दूसरे हिस्सों में जाते हैं। उनका आरोप है कि इन संसाधनों पर राज्य को अपेक्षित राजस्व नहीं मिलने के कारण विकास की गति प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं, छात्रों और गरीबों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं पर इसका असर पड़ सकता है।
वहीं, पाकुड़ में भी एमएमडीआर संशोधन विधेयक के खिलाफ आंदोलन की रणनीति को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजमहल सांसद विजय हांसदा ने कहा कि जेएमएम संशोधित विधेयक के खिलाफ तब तक आंदोलन जारी रखेगी, जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता।
विजय हांसदा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने विधेयक को लोकसभा और राज्यसभा में जल्दबाजी में पारित कराया है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगी।
जेएमएम नेताओं का कहना है कि खनिज संपदा झारखंड की अर्थव्यवस्था और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में राज्य के हितों से जुड़े किसी भी फैसले को लेकर पार्टी पीछे नहीं हटेगी।
फिलहाल एमएमडीआर संशोधन विधेयक को लेकर झारखंड में राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत हैं। जेएमएम की केंद्रीय समिति की बैठक में आंदोलन की अंतिम रणनीति तय होने के बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन और तेज होने की संभावना है।





