
Jharkhand झारखंड : झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की तैयारी तेज हो गई है। इसके तीसरे चरण के तहत यह विशेष पुनरीक्षण अभियान 30 जून 2026 से शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के दौरान राज्यभर में करीब 32,000 बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मतदान अधिकार से वंचित न रहे।
राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार इस प्रक्रिया को लेकर लगातार सक्रिय हैं और विभिन्न जिलों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि SIR के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या खानापूर्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी पात्र भारतीय नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल होना सुनिश्चित किया जाए और किसी भी योग्य व्यक्ति का नाम सूची से नहीं छूटना चाहिए। उनका कहना था कि यह कार्य पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी कहा कि मतदान का अधिकार संविधान द्वारा दिया गया एक महत्वपूर्ण अधिकार है और इसे हर योग्य नागरिक तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने मंगलवार देर शाम परिसदन में दुमका, देवघर और जामताड़ा के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को समय-समय पर शुद्ध करने के लिए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण प्रक्रिया अपनाई जाती है, लेकिन झारखंड में यह विशेष गहन पुनरीक्षण करीब 23 वर्षों के बाद किया जा रहा है।
उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है।
प्रशासन का मानना है कि इस बड़े अभियान से राज्य में मतदाता सूची की गुणवत्ता में सुधार होगा और आगामी चुनावों में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जा सकेगी।
फिलहाल सभी जिलों में तैयारी शुरू कर दी गई है और BLO स्तर पर प्रशिक्षण एवं डेटा अपडेट की प्रक्रिया भी तेज की जा रही है।





