झारखंड

झारखंड राज्यसभा चुनाव: माले-राजद ने कांग्रेस आरोपों को नकारा

Saba Naaz
18 Jun 2026 10:36 PM IST
झारखंड राज्यसभा चुनाव: माले-राजद ने कांग्रेस आरोपों को नकारा
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Jharkhand: झारखंड राज्यसभा चुनाव के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। परिणाम आने के बाद गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। कांग्रेस प्रभारी के राजू द्वारा लगाए गए क्रॉस वोटिंग के आरोपों को माले और राजद ने सख्ती से खारिज कर दिया है, जिससे इंडिया गठबंधन में तनाव बढ़ गया है।

कांग्रेस के आरोप और विवाद की शुरुआत

कांग्रेस प्रभारी के राजू ने आरोप लगाया कि पार्टी को झामुमो के चार वोट मिले, लेकिन राजद और माले के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी और रिपोर्ट केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया।

राजद का पलटवार

राजद ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पर लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं। राजद नेताओं ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपने संगठन और विधायकों पर नियंत्रण की समीक्षा करनी चाहिए। राजद विधायक संजय प्रसाद यादव ने कहा कि पार्टी किसी को धोखा नहीं देती और कांग्रेस को अपने गिरेबां में झांकना चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रभारी के राजू जब भी आते हैं, तो “झोला भरकर” लौटते हैं। साथ ही कहा कि यह जांच का विषय है कि असल में क्रॉस वोटिंग किसने की है।

माले का जवाब

माले ने भी कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि उनके विधायकों ने गठबंधन के निर्देशों के अनुसार ही मतदान किया है। माले विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि कांग्रेस अपने ही विधायकों को नियंत्रित नहीं कर सकी और छोटे दलों पर बिना आधार आरोप लगा रही है।

वहीं अरूप चटर्जी ने कहा कि क्रॉस वोटिंग के आरोप निराधार हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि माले विधायकों ने पूरी निष्ठा के साथ मतदान किया है।

गठबंधन में बढ़ती खटास

इस पूरे विवाद के बाद इंडिया गठबंधन के भीतर मतभेद और गहरे होते दिखाई दे रहे हैं। कांग्रेस, राजद और माले के बीच बयानबाजी ने राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना दिया है। सभी दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, जिससे गठबंधन की एकता पर सवाल उठ रहे हैं। झारखंड राज्यसभा चुनाव के बाद उपजा यह विवाद केवल चुनावी परिणाम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब गठबंधन की राजनीति में दरार का संकेत दे रहा है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

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