
Jharkhand: झारखंड में राज्यसभा चुनाव संपन्न हो गया, जिसमें झामुमो उम्मीदवार बैजनाथ राम और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी ने जीत हासिल की। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा। चुनाव परिणाम के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
चुनाव परिणाम और वोटिंग स्थिति
झामुमो के बैजनाथ राम को 30 वोट मिले और उन्होंने आसानी से जीत दर्ज की। वहीं परिमल नथवाणी को एनडीए के 24 वोट मिले थे, लेकिन उन्हें कुल मिलाकर 6 अतिरिक्त वोट भी मिले। हालांकि उनके खाते में आए दो वोट अवैध घोषित हुए। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को सिर्फ 20 वोट मिले, जिनमें से एक वोट अवैध पाया गया।
बैजनाथ राम का बयान
जीत के बाद बैजनाथ राम ने कहा कि वह झारखंड की आवाज को देश के मंच पर मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वे राज्य के लोगों की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आभार जताते हुए कहा कि पहली बार किसी दलित उम्मीदवार को राज्यसभा भेजा गया है, जो एक ऐतिहासिक निर्णय है।
परिमल नथवाणी की प्रतिक्रिया
परिमल नथवाणी ने जीत के बाद कहा कि झारखंड उनके लिए नया नहीं है और यहां के लोगों की सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि उनका फोकस ग्रामीण क्षेत्रों पर रहेगा, जहां वे कौशल विकास और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने पर काम करेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित एनडीए विधायकों का आभार जताया।
वोटिंग प्रक्रिया का विवरण
वोटिंग प्रक्रिया सुबह से शुरू हुई, जिसमें सबसे पहले भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने मतदान किया। इसके बाद विधायकों ने क्रमवार मतदान किया। कांग्रेस विधायक सबसे पहले पहुंचे, जबकि झामुमो, राजद और माले के विधायक बाद में पहुंचे। अंतिम चरण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने मतदान किया। दोपहर 1:35 बजे तक पूरी प्रक्रिया संपन्न हो गई। झारखंड राज्यसभा चुनाव के परिणामों ने राज्य की राजनीतिक स्थिति को एक बार फिर स्पष्ट किया है। विजयी उम्मीदवारों ने विकास और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही है। अब सभी की नजरें उनके आगामी कार्यकाल और संसद में उनकी भूमिका पर होंगी।





