
Jharkhand: रामगढ़ में पुलिसकर्मी पर कथित हमले के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। इस घटना को लेकर छह नामजद और करीब 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की छानबीन की जा रही है।
घटना का स्थान और स्थिति
यह घटना रामगढ़ के नईसराय चौक के पास उस समय हुई जब सड़क दुर्घटना के बाद जाम की स्थिति बन गई थी। ट्रैफिक पुलिसकर्मी सअनि शंकर कुमार को यातायात व्यवस्था संभालने के लिए मौके पर भेजा गया था। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया।
भीड़ को उकसाने का आरोप
प्राथमिकी के अनुसार, कश्मीर वस्त्रालय के पास एक लिट्टी दुकान चलाने वाले व्यक्ति पर भीड़ को भड़काने का आरोप है। बताया गया कि उसने पुलिस के खिलाफ भीड़ को उकसाया और हमला करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद भीड़ में शामिल लोग गाली-गलौज करते हुए पुलिसकर्मियों की ओर बढ़ गए।
पथराव और ईंट से हमला
आरोप है कि भीड़ में शामिल लोगों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर और ईंट से हमला किया। इस दौरान सअनि शंकर कुमार को ईंट का टुकड़ा सीने पर लगा जिससे वे गिर पड़े। वहीं सअनि सुरेंद्र मंडल के पैर में भी चोट आई। हमले के दौरान पुलिसकर्मियों ने खुद को बचाने की कोशिश की लेकिन भीड़ लगातार हमला करती रही।
घायलों का इलाज
हमले के बाद दोनों घायल पुलिसकर्मियों को रामगढ़ सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी रहा। घटना के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
पुलिस कार्रवाई और जांच
पुलिस ने इस मामले में छह नामजद सहित 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सभी आरोपियों पर भीड़ को उकसाने, पुलिस ड्यूटी में बाधा डालने और जानलेवा हमला करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने कहा है कि जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। रामगढ़ की यह घटना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। सड़क दुर्घटना के बाद उपजा विवाद किस तरह हिंसक रूप ले सकता है, यह इस मामले से साफ होता है। पुलिस प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।





