
रांची : झारखंड के मौसम को लेकर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने नया पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, राज्य में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने जा रहा है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में फिलहाल आंशिक रूप से बादल छाए हुए हैं और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार से मानसून की गतिविधियां तेज होंगी और अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को झारखंड के अधिकांश जिलों में आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हालांकि रविवार से मौसम में और अधिक बदलाव देखने को मिलेगा। इस दिन बादलों की सघनता बढ़ेगी और राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक वर्षा होने की संभावना है।
पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार और उसके बाद के दिन कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने के भी आसार हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान कुछ इलाकों में वज्रपात (बिजली गिरने) की घटनाएं भी हो सकती हैं। इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
राजधानी रांची में पिछले कुछ दिनों से मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी धूप तो कभी बादल छाने और हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार से यहां भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से और अधिक राहत मिल सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और मानसूनी सिस्टम के मजबूत होने के कारण झारखंड में वर्षा की गतिविधियां बढ़ रही हैं। इसका असर राज्य के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम सभी हिस्सों में देखने को मिलेगा। हालांकि वर्षा की तीव्रता अलग-अलग जिलों में भिन्न हो सकती है।
बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों के लिए इसे सकारात्मक संकेत बताया है। अच्छी वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी, जिससे धान सहित खरीफ फसलों की बुआई और रोपाई के कार्यों में तेजी आएगी। जिन क्षेत्रों में अब तक बारिश सामान्य से कम हुई थी, वहां भी खेती के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की उम्मीद है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है। समय पर बारिश होने से फसलों की शुरुआती वृद्धि बेहतर होगी और सिंचाई पर निर्भरता भी कम होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे और अब मौसम में आए बदलाव से कृषि कार्यों में तेजी आने की संभावना है।
हालांकि मौसम विभाग ने बारिश के साथ संभावित जोखिमों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। खराब मौसम के समय खेतों में काम कर रहे किसान सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और मौसम सामान्य होने के बाद ही कार्य शुरू करें।
प्रशासन को भी संभावित मौसम परिवर्तन की जानकारी दे दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने तथा लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग का यह भी कहना है कि लगातार बारिश होने की स्थिति में कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। शहरी क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त रखने की आवश्यकता है ताकि बारिश के दौरान लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की सक्रियता केवल तापमान में गिरावट ही नहीं लाएगी, बल्कि जलाशयों, तालाबों और नदियों के जलस्तर में भी सुधार होगा। इससे पेयजल और सिंचाई की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि तेज बारिश, आंधी या वज्रपात की चेतावनी जारी की जाती है, तो सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
फिलहाल झारखंड में मौसम लगातार करवट ले रहा है और शनिवार से मानसून के फिर सक्रिय होने की संभावना है। रविवार से राज्य के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग का मानना है कि अगले दो दिनों तक बारिश का यह सिलसिला जारी रहेगा, जिससे मौसम सुहावना बनेगा और कृषि गतिविधियों को भी गति मिलेगी। वहीं, लोगों को वज्रपात और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।





