
Jharkhand झारखण्ड : महंगाई की मार झेल रहे आम उपभोक्ताओं को एक और झटका लगा है। मदर डेयरी और अमूल के बाद अब मेधा डेयरी ने भी अपने दूध और दुग्ध उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद घरेलू रसोई का बजट और मासिक खर्च और अधिक बढ़ने की संभावना है।
कंपनी द्वारा जारी की गई नई दरें शनिवार से प्रभावी हो गई हैं। संशोधित कीमतों का सीधा असर रोजमर्रा के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, खासकर उन परिवारों पर जो नियमित रूप से दूध और डेयरी उत्पादों का उपयोग करते हैं।
मेधा डेयरी ने डबल टोंड दूध, टोंड दूध, काउ मिल्क, शक्ति दूध और फुल क्रीम गोल्ड दूध सहित कई श्रेणियों के दाम बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा अन्य दुग्ध उत्पादों की कीमतों में भी आंशिक संशोधन किया गया है।
कीमतों में इस बढ़ोतरी को लेकर उपभोक्ताओं में चिंता देखने को मिल रही है, क्योंकि हाल के महीनों में पहले ही दूध, सब्जियों और अन्य खाद्य वस्तुओं की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे में दूध की कीमतों में यह नया बदलाव आम लोगों के बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
डेयरी क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार, उत्पादन लागत में बढ़ोतरी, पशु आहार की कीमतों में वृद्धि और परिवहन खर्च बढ़ने के कारण कंपनियों को दाम बढ़ाने का फैसला लेना पड़ा है। हालांकि, उपभोक्ताओं के लिए यह सीधा असर उनकी दैनिक जरूरतों पर पड़ रहा है।
विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए दूध एक अनिवार्य वस्तु है, और इसकी कीमतों में बार-बार बदलाव सीधे घरेलू खर्च को प्रभावित करता है। छोटे बच्चों वाले परिवारों और चाय-कॉफी पर निर्भर घरों में यह असर और अधिक महसूस किया जाएगा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले समय में उत्पादन लागत स्थिर नहीं होती है, तो अन्य डेयरी कंपनियां भी कीमतों में और संशोधन कर सकती हैं। इससे महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
फिलहाल, उपभोक्ता संगठनों ने सरकार से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी बढ़ाने और महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।





