झारखंड

Jharkhand High Court का फैसला, एसिड अटैक पीड़िता को राहत

Saba Naaz
24 Jun 2026 4:27 PM IST
Jharkhand High Court का फैसला, एसिड अटैक पीड़िता को राहत
x

झारखण्ड: झारखंड हाईकोर्ट ने एसिड अटैक के एक पीड़ित राहुल कुमार को बड़ी राहत देते हुए राज्य सरकार को 15 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं में होने वाली शारीरिक और मानसिक पीड़ा को केवल तीन लाख रुपये की राशि से नहीं आंका जा सकता। कोर्ट ने कहा कि पीड़ितों के पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन की जिम्मेदारी राज्य की है।

मामला वर्ष 2012 का है, जब रांची निवासी राहुल कुमार अपने घर में पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोस में बच्चों के बीच हुए विवाद में उन्होंने हस्तक्षेप किया था। आरोप है कि इसी बात से नाराज पड़ोसी महिला ने घर से तेजाब लाकर राहुल के चेहरे पर फेंक दिया था। इस हमले में उनका चेहरा बुरी तरह झुलस गया और आंखों, कानों सहित शरीर के कई हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंचा।

राहुल कुमार ने अब तक 14 प्लास्टिक सर्जरी करवाई हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है। उन्हें लगभग 45 प्रतिशत दिव्यांगता का सामना करना पड़ रहा है और इलाज पर भारी खर्च भी हो चुका है। अदालत ने माना कि लगातार इलाज और आर्थिक संकट के कारण अपील दाखिल करने में देरी हुई, जिसे स्वीकार किया जाना चाहिए।

न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने कहा कि एसिड अटैक केवल शरीर नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन और आत्मसम्मान को भी गहरा नुकसान पहुंचाता है। कोर्ट ने राज्य सरकार की मुआवजा योजना में दी गई तीन लाख रुपये की राशि को बेहद कम बताया।

अदालत ने यह भी कहा कि मौजूदा मुआवजा योजनाओं में पुरुष और महिला पीड़ितों के बीच अंतर पर पुनर्विचार की जरूरत है, क्योंकि एसिड किसी व्यक्ति के लिंग के आधार पर नुकसान नहीं करता। कोर्ट ने राज्य सरकार को इस दिशा में योजना में संशोधन करने का संकेत दिया।

हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि पहले दिए गए तीन लाख रुपये को छोड़कर शेष 12 लाख रुपये आठ सप्ताह के भीतर राहुल कुमार को दिए जाएं। साथ ही, भविष्य में इलाज से जुड़े वास्तविक खर्च का भुगतान भी आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर जल्द किया जाए।

अदालत ने कहा कि एक कल्याणकारी राज्य की जिम्मेदारी है कि वह एसिड अटैक पीड़ितों को न केवल आर्थिक सहायता दे, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में भी मदद करे।

Next Story