झारखंड

ब्रिक्स कार्यक्रम में दिखेगी भारतीय शिल्पकला

Saba Naaz
4 July 2026 7:11 PM IST
ब्रिक्स कार्यक्रम में दिखेगी भारतीय शिल्पकला
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Jharkhand: दुमका की पारंपरिक डोकरा शिल्पकला अब वैश्विक पहचान की ओर कदम बढ़ा रही है। जिले का GI टैग प्राप्त डोकरा शिल्प अब BRICS मंत्रिस्तरीय बैठक में प्रदर्शित किया जाएगा। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का आयोजन केरल के कोच्चि में 8 और 9 जुलाई को किया जा रहा है, जहां देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों के बीच झारखंड के इस पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रदर्शित और बिक्री के लिए रखा जाएगा। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की पहल पर दुमका के उत्पादों का चयन इस प्रतिष्ठित मंच के लिए किया गया है। शनिवार को डोकरा शिल्प की खेप दुमका से रांची के लिए रवाना की गई, जहां इसे अन्य चयनित राज्य उत्पादों के साथ एकीकृत कर कोच्चि भेजा जाएगा।

इस प्रदर्शनी में आदिवासी जीवन शैली को दर्शाने वाली मूर्तियां, पारंपरिक आभूषण, पशु-पक्षियों की कलात्मक आकृतियां, दीप-स्तंभ, फूलदान और गृह सज्जा से जुड़े कई हस्तशिल्प उत्पाद शामिल होंगे। सभी वस्तुएं पारंपरिक लॉस्ट वैक्स तकनीक से तैयार की गई हैं, जो इस शिल्प की खास पहचान मानी जाती है। यह शिल्प दुमका जिले के जगुडीह स्थित मां लखी आजीविका सखी मंडल की महिला शिल्पकारों द्वारा तैयार किया गया है। इन महिलाओं ने जेएसएलपीएस के सहयोग से पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुसार नया रूप दिया है। जीआई टैग मिलने के बाद इस कला की विश्वसनीयता और मांग में तेजी से वृद्धि हुई है।

अधिकारियों के अनुसार BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस शिल्प की उपस्थिति से झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। साथ ही महिला शिल्पकारों को बेहतर बाजार, उचित मूल्य और नए ग्राहक मिलने की संभावना बढ़ेगी। यह पहल न केवल हस्तशिल्प को बढ़ावा दे रही है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और पारंपरिक कला के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। आने वाले समय में यह शिल्प अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

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