झारखंड

कोडरमा में नाबालिगों को सार्वजनिक रूप से घुमाने और खंभे से बांधने का मामला, पुलिस ने छुड़ाया

Kavita2
21 Sept 2026 11:59 AM IST
कोडरमा में नाबालिगों को सार्वजनिक रूप से घुमाने और खंभे से बांधने का मामला, पुलिस ने छुड़ाया
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कोडरमा। झारखंड के कोडरमा थाना क्षेत्र के लोचनपुर गांव में नाबालिगों के साथ कथित पंचायतनुमा कार्रवाई का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्रामीणों ने दो नाबालिग लड़कों और एक नाबालिग लड़की को पकड़कर गांव में सार्वजनिक रूप से घुमाया और फिर बिजली के खंभे से बांधकर माफी मंगवाई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों नाबालिगों को ग्रामीणों के कब्जे से छुड़ाकर थाने ले गई।

जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह सामने आई। बताया जा रहा है कि रविवार देर रात दोनों नाबालिग लड़के एक नाबालिग लड़की के घर पहुंचे थे। सुबह इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई, जिसके बाद कुछ लोग वहां पहुंचे और तीनों को पकड़ लिया।

ग्रामीणों का आरोप था कि दोनों लड़के रात के अंधेरे में लड़की से मिलने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर गांव में नाराजगी फैल गई। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने कानून हाथ में लेते हुए तीनों नाबालिगों को पकड़ लिया।

आरोप है कि ग्रामीणों ने तीनों को गांव में घुमाया और बिजली के खंभे से रस्सी के सहारे बांध दिया। इसके बाद उनसे भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं करने की बात कहते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और तीनों नाबालिगों को ग्रामीणों के कब्जे से मुक्त कराया। इसके बाद उन्हें थाने ले जाकर मामले की जानकारी जुटाई गई।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नाबालिगों के साथ किस तरह का व्यवहार किया गया और किन लोगों ने उन्हें सार्वजनिक रूप से बांधकर माफी मंगवाई।

कानून विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति, खासकर नाबालिगों के साथ सार्वजनिक रूप से अपमानजनक व्यवहार करना उचित नहीं है। किसी भी विवाद या आरोप की स्थिति में कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है।

नाबालिगों को गांव में घुमाना, खंभे से बांधना और भीड़ के सामने माफी मंगवाना उनकी गरिमा और सम्मान को प्रभावित करने वाला गंभीर मामला माना जा रहा है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इसकी आलोचना भी शुरू हो गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव में इस घटना को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं हैं। कुछ ग्रामीणों ने इसे सामाजिक अनुशासन से जोड़कर देखा, जबकि कई लोगों ने नाबालिगों के साथ किए गए व्यवहार पर सवाल उठाए हैं।

पुलिस अब पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जुटा रही है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और क्या किसी तरह के कानून का उल्लंघन हुआ है।

प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की जाती रही है कि किसी भी मामले में भीड़ द्वारा कार्रवाई करने के बजाय पुलिस और कानून का सहारा लिया जाए। भीड़ का फैसला कई बार गंभीर परिस्थितियां पैदा कर सकता है।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में भीड़ के दबाव और कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर जब मामला नाबालिगों से जुड़ा हो, तो संवेदनशीलता और कानूनी प्रक्रिया का पालन बेहद जरूरी माना जाता है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी। पुलिस ने सभी संबंधित पक्षों से जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।

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