
Jharkhand झारखण्ड : बुधवार को सीएच स्कूल रोड पर मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली। झुमरीतिलैया की रहने वाली एक गर्भवती महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिजन आनन-फानन में महिला को नजदीकी निजी क्लीनिक ले जा रहे थे। इसी बीच उनकी मुलाकात बाजार में सब्जी खरीदने निकली एक एएनएम से हुई, जिसने तत्परता और सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को संभाला और तीन जिंदगियों को बचा लिया।
सूत्रों के अनुसार, महिला को ई-रिक्शा में बैठाकर क्लीनिक ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही महिला की स्थिति बिगड़ने लगी। एएनएम ने तुरंत निर्णय लिया और ई-रिक्शा के भीतर ही प्रसव कराने की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने आवश्यक चिकित्सा सहायता और सावधानी बरतते हुए महिला का सुरक्षित प्रसव कराया।
इस दौरान एएनएम ने गर्भवती महिला के जीवन और जुड़वा शिशुओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा। उनके सेवा भाव और तत्काल निर्णय ने संकट की इस घड़ी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रसव के सफल होने के बाद महिला और नवजात बच्चों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने भी इस साहसिक और निस्वार्थ कार्य की सराहना की। एएनएम की तत्परता ने न केवल महिला और बच्चों को सुरक्षित रखा, बल्कि उनके परिवार में खुशी और राहत भी लौटाई। इस घटना को देखते हुए चिकित्सा जगत में भी एएनएम की तारीफ की जा रही है।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि इस घटना से स्पष्ट होता है कि हर समय सतर्क रहने और आपात स्थिति में सही निर्णय लेने से जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कर्तव्यनिष्ठ और निस्वार्थ कर्मों को समाज में प्रेरणा के रूप में देखा जाना चाहिए।
घटना के बाद महिला के परिवार ने एएनएम का धन्यवाद किया और उनकी तत्परता की सराहना की। उन्होंने कहा कि अगर समय पर सही सहायता नहीं मिली होती, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। इस प्रकार, एएनएम की सूझबूझ और साहस ने तीन जिंदगियों को बचाकर एक मिसाल कायम की है।
स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी एएनएम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह की तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा को हर स्वास्थ्यकर्मी में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में सही निर्णय लेना और तुरंत कार्रवाई करना किसी भी जीवन को बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।
इस घटना से यह भी स्पष्ट हुआ कि समाज में एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका कितनी जरूरी है। संकट की घड़ी में उनका साहस और मानवता की भावना समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती है।





