
Jharkhand झारखंड : सरायकेला-खरसावां जिले में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। राजनगर-चाईबासा मुख्य मार्ग (एनएच-220) पर हुए इस हादसे में दो चालकों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए। दुर्घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसा रोला-खैरबनी मोड़ के पास रात करीब 12:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि डंपर और ट्रेलर के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
टक्कर के बाद दोनों वाहनों में लगी भीषण आग
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, डंपर और ट्रेलर तेज रफ्तार में आमने-सामने आ गए। दोनों वाहनों की भिड़ंत के बाद उनमें आग लग गई।
आग इतनी तेजी से फैली कि चालकों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर बचाव की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी।
हालांकि, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि राहत कार्य शुरू करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
दो चालकों की मौत
हादसे में ट्रेलर चालक की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। वहीं डंपर चालक गंभीर रूप से झुलस गया था।
घटना की जानकारी मिलने के बाद घायल डंपर चालक को तत्काल इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल ले जाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में दो चालकों की मौत से इलाके में शोक का माहौल है।
दो अन्य चालक घायल
हादसे में दो अन्य चालक भी घायल हुए हैं। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायलों की हालत और पहचान को लेकर पुलिस जानकारी जुटा रही है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा किस वजह से हुआ। पुलिस तेज रफ्तार, वाहन नियंत्रण और सड़क की स्थिति समेत कई पहलुओं की जांच कर रही है।
दमकल की मदद से बुझाई गई आग
दोनों वाहनों में लगी आग को बुझाने के लिए दमकल की टीम को बुलाया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
आग बुझने के बाद पुलिस और राहत टीमों ने वाहनों की जांच की और क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
हाईवे पर कुछ समय के लिए प्रभावित रहा यातायात
हादसे के बाद एनएच-220 पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। दोनों वाहनों में आग लगने और मलबा सड़क पर फैलने के कारण आवागमन में परेशानी हुई।
प्रशासन ने क्रेन और अन्य संसाधनों की मदद से वाहनों को हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य किया गया।
सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता
सरायकेला-खरसावां में हुए इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण लगातार दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि रात के समय भारी वाहनों के संचालन में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। चालकों को गति नियंत्रण, पर्याप्त दूरी और यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
परिवारों में पसरा मातम
हादसे में दो चालकों की मौत के बाद उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन सदमे में हैं।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह दर्दनाक दुर्घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। प्रशासन और पुलिस अब हादसे की पूरी जांच में जुटे हैं।





