
दुमका, झारखंड। दुमका और गोड्डा व्यवहार न्यायालय को हमले की धमकी वाला स्पीड पोस्ट पत्र मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पत्र में 3 जुलाई को दोनों न्यायालयों पर संभावित हमले की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत सख्त कर दिया गया है। धमकी भरा पत्र मिलने के बाद दुमका के एसपी पीताम्बर सिंह खेरवार स्वयं व्यवहार न्यायालय पहुंचे और पूरे कोर्ट परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार यह पत्र स्पीड पोस्ट के माध्यम से दुमका व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को भेजा गया था। पत्र में पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले के एक व्यक्ति के नाम का उल्लेख किया गया था। हालांकि पूछताछ में उस व्यक्ति ने पत्र भेजने से इनकार करते हुए कहा कि उसका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और उसके नाम का दुरुपयोग किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुमका पुलिस की एक टीम पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले पहुंची है। वहां स्थानीय पुलिस के सहयोग से स्पीड पोस्ट बुकिंग, डाकघर रिकॉर्ड और तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि पत्र किसने और किस उद्देश्य से भेजा।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के साथ डॉग स्क्वॉड की मदद से भी जांच की गई। परिसर में संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों की गहन तलाशी ली गई। एसपी ने बताया कि कोर्ट में पहले से सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है, लेकिन इस घटना के बाद अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। सादे लिबास में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल घबराने की कोई स्थिति नहीं है, लेकिन पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह वास्तविक धमकी है या किसी की शरारत या साजिश।
फिलहाल दुमका और गोड्डा दोनों न्यायालय परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है और पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है।





