झारखंड

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, पाकुड़ के 21 वार्डों में डेंगू नियंत्रण के लिए कंटेनर सर्वे शुरू

nidhi
24 July 2026 4:09 PM IST
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, पाकुड़ के 21 वार्डों में डेंगू नियंत्रण के लिए कंटेनर सर्वे शुरू
x
डेंगू के बढ़ते खतरे के बीच पाकुड़ प्रशासन की कार्रवाई, शहर के सभी वार्डों में निगरानी अभियान तेज

JHARKHAND: पाकुड़ शहर में डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर निकाय प्रशासन ने रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। डेंगू के खिलाफ चलाए जा रहे इस विशेष अभियान को प्रशासन ने 'सर्जिकल स्ट्राइक' की तरह अंजाम देने की तैयारी की है। शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में टीमों को उतारकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान की जा रही है।

इस अभियान के तहत पाकुड़ शहर के 21 वार्डों में कंटेनर सर्वे शुरू किया गया है। स्वास्थ्य कर्मियों की टीमें घर-घर पहुंचकर पानी जमा होने वाले बर्तनों, टंकियों, कूलर, गमलों, पुराने टायर और अन्य कंटेनरों की जांच कर रही हैं। सर्वे का मुख्य उद्देश्य डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर के लार्वा की पहचान कर उसे तुरंत नष्ट करना है।
घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीमें
कंटेनर सर्वे के दौरान टीमों द्वारा लोगों को साफ-सफाई रखने और घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी जा रही है। जिन स्थानों पर मच्छरों के लार्वा पाए जा रहे हैं, वहां तत्काल दवा का छिड़काव और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि डेंगू नियंत्रण के लिए केवल इलाज ही नहीं, बल्कि मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करना सबसे प्रभावी तरीका है। बारिश के मौसम में जमा पानी एडीज मच्छरों के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। सप्ताह में कम से कम एक बार पानी के कंटेनरों की सफाई करें और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को डेंगू के शुरुआती लक्षणों जैसे तेज बुखार, सिर दर्द, शरीर में दर्द, आंखों के पीछे दर्द और कमजोरी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा है।
अभियान का लक्ष्य
21 वार्डों में डेंगू लार्वा की जांच
घर-घर जाकर कंटेनर सर्वे
मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करना
लोगों में जागरूकता फैलाना
संक्रमण फैलने से पहले रोकथाम करना
प्रशासन का लक्ष्य है कि समय रहते डेंगू के संभावित खतरे पर नियंत्रण पाया जाए और पाकुड़ शहर को मच्छरजनित बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।

Next Story