झारखंड

निवेश और रोजगार पर सरकार का फोकस

Saba Naaz
4 July 2026 10:05 PM IST
निवेश और रोजगार पर सरकार का फोकस
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झारखंड: सरकार ने राज्य में वस्त्र उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ‘झारखंड टेक्सटाइल, अपैरल एंड फुटवियर पॉलिसी-2026’ का ड्राफ्ट तैयार किया है। इस नई नीति का उद्देश्य राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश लाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। सरकार का लक्ष्य 1000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश आकर्षित करना और 20 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही झारखंड को पूर्वी भारत का प्रमुख टेक्सटाइल और फुटवियर हब बनाने की योजना है। इस नीति के तहत उद्योगों को व्यापक प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा गया है। पात्र इकाइयों को स्थायी पूंजी निवेश पर 20 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 50 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके अलावा ब्याज अनुदान, स्टांप ड्यूटी में छूट, बिजली शुल्क में राहत, एसजीएसटी प्रोत्साहन, निर्यात सहायता और कौशल विकास जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं।

नई नीति में रोजगार को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं। कंपनियों को अपने कुल कर्मचारियों में कम से कम 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को नौकरी देना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही वेज सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है। कंपनियों को प्रति पुरुष कर्मचारी 5000 रुपये और महिला कर्मचारी को 6000 रुपये प्रति माह वेज सब्सिडी मिलेगी। एससी-एसटी और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त 1000 रुपये देने का प्रस्ताव है।

राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए जिलों को तीन जोन में बांटा है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो और रामगढ़ पहले जोन में रखे गए हैं, जहां अतिरिक्त सब्सिडी नहीं मिलेगी। दूसरे जोन में हजारीबाग, देवघर, गिरिडीह, कोडरमा, सरायकेला-खरसावां और खूंटी जैसे जिले शामिल हैं, जहां 3 प्रतिशत अतिरिक्त लाभ मिलेगा। तीसरे जोन के जिलों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। ड्राफ्ट के अनुसार झारखंड देश में तसर रेशम का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है और झारक्राफ्ट के माध्यम से लाखों कारीगर जुड़े हैं। सरकार हर जिले में एक क्लस्टर आधारित उत्पादन या प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की भी योजना बना रही है। नई नीति को दिल्ली में होने वाले इनवेस्टर समिट में पेश किया जाएगा।

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