
पूर्वी सिंहभूम जिले: चाकुलिया स्थित जयनगर गांव में शनिवार को ऐतिहासिक कनाईश्वर पहाड़ पूजा धूमधाम से आयोजित की गई। इस दौरान कनाईश्वर पहाड़ पर श्रद्धा का जनसैलाब उमड़ पड़ा। झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से हजारों श्रद्धालु पूजा में शामिल हुए और अच्छी बारिश, भरपूर फसल तथा सुख-समृद्धि की कामना की। दिनभर बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोग पहाड़ पर पहुंचते रहे।
कनाईश्वर पहाड़ को स्थानीय मान्यताओं के अनुसार कनाई देवता (भगवान शिव) और स्वर देवी (माता पार्वती) का पवित्र स्थान माना जाता है। पहाड़ की चोटी पर कनाई देवता की पूजा होती है, जबकि नीचे माता पार्वती के स्वरूप स्वर देवी की आराधना की जाती है। पूजा कमेटी के अध्यक्ष सह जयनगर के ग्राम प्रधान सोमाय मांडी ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और 12 मौजा के ग्राम प्रधान सबसे पहले पूजा में शामिल होते हैं। इसके बाद पुजारी परंपरागत विधि-विधान से पूजा संपन्न कराते हैं।
इस अवसर पर पुजारी सहदेव नायक, रवींद्र नायक, दानव नायक और गौरांग नायक ने विधिवत पूजा कराई। सहदेव नायक की सात पीढ़ियां इस पूजा से जुड़ी रही हैं, जिसमें गंजाडी नायक से लेकर वर्तमान पीढ़ी तक की परंपरा शामिल है। पूजा में जयनगर, सालगडिया, बिहारीपुर, भंडारू, बिरदोह, जोड़ाम, शीशाखून, कांटाबनी, सीमांतसोल, ढेंगाम, बड़ानाटा और तिलाबनी के ग्राम प्रधानों ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही। इस दौरान कुणाल महतो ने पुजारियों को सम्मानित किया और क्षेत्र की सुख-शांति की कामना की। बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती ने कहा कि कनाईश्वर पहाड़ एक ऐतिहासिक धरोहर है और इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। वहीं सांसद विद्युत वरण महतो ने इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान बताया।
पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने भी पूजा में शामिल होकर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। उन्होंने कहा कि यह स्थल तीन राज्यों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क रहा। भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण तरीके से पूजा में भाग लिया। कनाईश्वर पहाड़ पूजा एक बार फिर आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनकर सामने आई।





