Giridih: सिजुआ गांव में अभी भी विकास की राह नहीं, सड़क-स्कूल-पानी सबकी कमी

Giridih। देवरी प्रखंड के तिलकडीह पंचायत अंतर्गत सिजुआ गांव विकास से कोसों दूर है। यहां सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। ग्रामीण लंबे समय से इन समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है।ग्रामीणों का कहना है कि गांव की सबसे बड़ी समस्या पक्की सड़क न होना है। चारपहिया वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। बीमार व्यक्ति को चारपाई पर लादकर 2 किलोमीटर दूर सालबहियार तक ले जाना पड़ता है। एंबुलेंस गांव में नहीं आ पाती।3 किमी दूर स्कूल, आंगनबाड़ी भी नहींगांव में स्कूल न होने से बच्चे 3 किलोमीटर दूर सालबहियार और गरही पढ़ने जाते हैं। दूरी के कारण कई बच्चे स्कूल जाना छोड़ देते हैं। आंगनबाड़ी केंद्र भी नहीं है और सहिया की नियुक्ति नहीं हुई है। गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को टीकाकरण के लिए चंदली जाना पड़ता है।पानी और राशन की समस्याजल जीवन मिशन के तहत बना जलमीनार गर्मी में सूख जाता है। तब ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर रहना पड़ता है। पीडीएस दुकान भी गांव में नहीं है। राशन लेने के लिए लोगों को 7 किलोमीटर दूर भातुरायडीह जाना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकानदार अंगूठा लगवाकर राशन का बिल बना लेता है, लेकिन सामान नहीं देता।ग्रामीणों की मांगफुलमुनि हेंब्रम, बसंती सोरेन, छोटकी बेसरा, ढेना मुर्मु, भारती मुर्मु, राकेश सोरेन, रविरंजन मरांडी सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि गांव को पक्की सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, पेयजल, आवास योजना और नियमित राशन की सख्त जरूरत है।





