झारखंड

पांच लाख अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर शाह से CBI जांच की मांग

Ratna Netam
10 Aug 2026 6:43 PM IST
पांच लाख अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर शाह से CBI जांच की मांग
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रांची : झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अब केंद्रीय स्तर तक पहुंच गया है। हजारीबाग से भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने झारखंड से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। सांसद ने विशेष रूप से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, अभ्यर्थियों के आंदोलन, राज्य की कानून-व्यवस्था, संगठित अपराध, अवैध नशे के कारोबार और खनिज संपदा से जुड़े मामलों को गृह मंत्री के सामने रखा।
मनीष जायसवाल ने अमित शाह को बताया कि JPSC और JSSC-CGL की भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर कथित गड़बड़ियों और सीटों की खरीद-बिक्री के आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों को लेकर अभ्यर्थियों और छात्रों में नाराजगी है और वे आंदोलन कर रहे हैं। सांसद के मुताबिक, इन मामलों की जांच फिलहाल राज्य सरकार की ओर से CID के माध्यम से कराई जा रही है, लेकिन जांच की प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं।
सांसद ने गृह मंत्री से मांग की कि भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि मामला केवल परीक्षा में कथित अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे झारखंड के पांच लाख से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य और सरकारी भर्ती व्यवस्था में उनके भरोसे का सवाल जुड़ा हुआ है। उन्होंने गृह मंत्री को आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों और मौजूदा परिस्थितियों की जानकारी भी दी।
मनीष जायसवाल ने कहा कि सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले लाखों युवा वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता बेहद महत्वपूर्ण है। अगर परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगें तो अभ्यर्थियों के बीच अविश्वास पैदा होता है। सांसद ने इस मामले में प्रभावी और निष्पक्ष कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।
मुलाकात के दौरान झारखंड की कानून-व्यवस्था का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सांसद ने राज्य में बढ़ते संगठित अपराध और अवैध गतिविधियों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने हजारीबाग, रामगढ़ समेत अलग-अलग इलाकों में कथित रूप से बढ़ रहे अवैध नशे के कारोबार का मामला भी केंद्रीय गृह मंत्री के सामने रखा। सांसद के अनुसार, इन गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है।
इसके अलावा मनीष जायसवाल ने झारखंड की खनिज संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मुद्दों को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में प्राकृतिक संसाधनों की लूट हो रही है और इसे रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और यहां के प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल राज्य के विकास और स्थानीय लोगों के हित में होना चाहिए।
सांसद ने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य, राज्य की कानून-व्यवस्था और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ इन सभी मुद्दों पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई।
JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच हुई यह मुलाकात राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब इस बात पर नजर रहेगी कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या इस मामले की जांच CBI को सौंपने की दिशा में कोई निर्णय होता है। फिलहाल सांसद द्वारा उठाए गए मुद्दों ने झारखंड की भर्ती व्यवस्था, युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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