
झारखंड: वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई सुरक्षा व्यवस्था को लौटा दिया है। पिछले पांच दिनों से वह बिना सुरक्षा के ही सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने सुरक्षा से जुड़े सभी गार्ड और सुविधाएं वापस कर दी हैं।
मंत्री के इस कदम के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि पुलिस मुख्यालय की ओर से वित्त विभाग को एक पत्र भेजा गया था, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक वाहन को वापस लेने की बात कही गई थी। इसी पत्र के बाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई।
जानकारी के अनुसार, वित्त मंत्री की सुरक्षा में पहले चार वाहन और 16 सुरक्षा कर्मी तैनात थे। वित्त विभाग के संयुक्त सचिव ने इस संबंध में पत्र मंत्री को भेजा था। इसी के बाद मंत्री ने नाराजगी जताई और पूरी सुरक्षा व्यवस्था लौटाने का निर्णय लिया।
मंत्री का कहना है कि 16 सुरक्षा कर्मियों को तीन वाहनों में व्यवस्थित करना व्यावहारिक नहीं है। इसी असंतोष के चलते उन्होंने सुरक्षा से जुड़ी सभी सुविधाएं वापस कर दीं। हालांकि, वह अभी भी सरकारी वाहन का उपयोग कर रहे हैं और सामान्य रूप से सरकारी कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।
गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में भी वित्त मंत्री बिना सुरक्षा के ही पहुंचे, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया। सुरक्षा लौटाने के बाद प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे प्रकरण की समीक्षा की संभावना जताई जा रही है।
इस घटना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, हालांकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।





