झारखंड

ईएसएल स्टील प्लांट में जानलेवा हादसा, दो की मौत

Ashish verma
11 Oct 2026 1:11 PM IST
ईएसएल स्टील प्लांट में जानलेवा हादसा, दो की मौत
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बोकारो : वेदांता ईएसएल स्टील लिमिटेड के प्लांट परिसर में रविवार को गैस के संपर्क में आने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान हजारीबाग निवासी सोहन महतो और धनबाद निवासी समीर अंसारी के रूप में हुई है। घटना के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कंपनी की ओर से जारी बयान के अनुसार, मृतकों में एक कंपनी का एग्जीक्यूटिव था, जबकि दूसरा बिजनेस पार्टनर के अधीन इंजीनियर के रूप में कार्यरत था। गैस के संपर्क में आने के बाद दोनों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
कंपनी के बयान में बताया गया है कि दोनों व्यक्तियों के गैस के संपर्क में आने के बाद प्रारंभिक जांच की गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अस्पताल ले जाने के बावजूद दोनों को बचाया नहीं जा सका। इस घटना में कंपनी और उसके बिजनेस पार्टनर से जुड़े दो लोगों की जान गई है। उपलब्ध विवरण में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सोहन महतो और समीर अंसारी में से कौन कंपनी का एग्जीक्यूटिव था और कौन इंजीनियर के पद पर कार्यरत था।
हादसा रविवार को प्लांट परिसर के भीतर हुआ। गैस के संपर्क में आने के बाद दोनों की हालत ऐसी हुई कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। घटना की जानकारी सामने आने के साथ परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। शुरुआती विवरण में दो लोगों की मौत की जानकारी दी गई है। किसी अन्य व्यक्ति के प्रभावित होने का उल्लेख नहीं है। इसलिए हादसे में प्रभावित लोगों की संख्या को लेकर उपलब्ध जानकारी दो मृतकों तक सीमित है।
मृतक सोहन महतो हजारीबाग के रहने वाले थे, जबकि समीर अंसारी धनबाद निवासी थे। दोनों की पहचान सामने आने के बाद घटना में जान गंवाने वालों के नाम स्पष्ट हुए हैं। उनके बारे में उपलब्ध जानकारी में निवास स्थान और कार्य से संबंधित विवरण शामिल हैं। उनकी उम्र, परिवार या सेवा अवधि के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। कंपनी के बयान से इतना स्पष्ट है कि दोनों अलग-अलग कार्य व्यवस्थाओं के अंतर्गत प्लांट से जुड़े हुए थे।
मृतकों में एक व्यक्ति सीधे कंपनी में एग्जीक्यूटिव के तौर पर कार्यरत था। दूसरे व्यक्ति का संबंध कंपनी के बिजनेस पार्टनर से था और वह उसके अधीन इंजीनियर के रूप में काम कर रहा था। इस तरह घटना में जान गंवाने वाले दोनों लोग प्लांट की कार्य व्यवस्था से जुड़े थे। हालांकि, हादसे के समय वे किस जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे, इसका विवरण सामने नहीं आया है। उनके पदों की जानकारी कंपनी के बयान में दी गई है।
गैस के संपर्क में आने से लेकर अस्पताल पहुंचाए जाने तक के घटनाक्रम के बारे में सीमित जानकारी उपलब्ध है। कंपनी के मुताबिक, पहले प्रारंभिक जांच हुई और फिर दोनों को अस्पताल ले जाया गया। बयान में प्रारंभिक जांच की प्रकृति या उसके निष्कर्षों का उल्लेख नहीं किया गया है। इसी तरह, अस्पताल का नाम और वहां पहुंचाए जाने का समय भी नहीं बताया गया है। स्पष्ट तथ्य यही है कि अस्पताल ले जाने के बावजूद दोनों की जान नहीं बच सकी।
घटना में किस गैस के संपर्क में दोनों आए, यह जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं है। गैस का स्रोत, उसकी मात्रा और संपर्क में आने की परिस्थितियां भी स्पष्ट नहीं की गई हैं। ऐसे में हादसे को किसी विशेष गैस या तकनीकी कारण से जोड़ना उचित नहीं होगा। गैस का रिसाव हुआ था या किसी अन्य परिस्थिति में दोनों उसके संपर्क में आए, इस बारे में भी विवरण नहीं दिया गया है। इन पहलुओं की पुष्टि के लिए अतिरिक्त जानकारी आवश्यक है।
प्लांट परिसर में घटना के बाद अफरा-तफरी मचने की जानकारी दी गई है। हालांकि, परिसर के किस हिस्से में हादसा हुआ और उस समय वहां क्या गतिविधि चल रही थी, यह स्पष्ट नहीं है। किसी विशेष इकाई, उपकरण या प्रक्रिया का नाम उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। इसलिए घटना के स्थान को फिलहाल प्लांट परिसर तक ही बताया जा सकता है। किसी निर्धारित विभाग या उत्पादन इकाई से इसे जोड़ने का आधार सामने नहीं आया है।
कंपनी की ओर से जारी बयान इस घटना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी का आधार है। इसमें मृतकों की कार्य स्थिति और अस्पताल ले जाए जाने का उल्लेख है। पुलिस या प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई, जांच अथवा अन्य प्रक्रिया का विवरण दिए गए मैटर में शामिल नहीं है। इसी प्रकार, घटना के कारणों पर किसी निष्कर्ष का उल्लेख भी नहीं किया गया है। इसलिए किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी तय होने का दावा नहीं किया जा सकता।
रविवार के इस हादसे में सोहन महतो और समीर अंसारी की मौत हुई है। कंपनी के अनुसार, दोनों गैस के संपर्क में आए थे और प्रारंभिक जांच के बाद अस्पताल ले जाए गए। मृतकों में एक कंपनी का एग्जीक्यूटिव तथा दूसरा बिजनेस पार्टनर के अधीन कार्यरत इंजीनियर था। घटना के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। हादसे की विस्तृत परिस्थितियां स्पष्ट होने तक उपलब्ध जानकारी का केंद्र दोनों की पहचान, उनकी कार्य स्थिति और अस्पताल पहुंचाए जाने के बावजूद जान नहीं बच पाना है।
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