झारखंड

शिक्षा विभाग की कार्रवाई, 5 कर्मी सेवा से बाहर

Saba Naaz
29 Jun 2026 8:50 PM IST
शिक्षा विभाग की कार्रवाई, 5 कर्मी सेवा से बाहर
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गढ़वा: खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में 26 जून की रात 77 छात्राओं के अचानक बीमार होने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। इस मामले में पांच संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है, जबकि प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (BEEO) और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) का वेतन रोक दिया गया है। जिला प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आगे की जांच भी तेज कर दी है।

जिला उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर गठित टीम की जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। रिपोर्ट के आधार पर वॉर्डन-सह-शिक्षिका लक्ष्मी देवी, पूर्णकालिक सामाजिक विज्ञान शिक्षिका अलका तिवारी, विज्ञान शिक्षिका कोमल कुमारी, लेखापाल-सह-कंप्यूटर ऑपरेटर सोनम रानी और रसोइया कमला देवी की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस मामले में “शून्य सहिष्णुता” की नीति अपनाई गई है। जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि घटना के समय वॉर्डन बिना अनुमति विद्यालय से अनुपस्थित थीं। वहीं रसोइया द्वारा परिसर के हैंडपंप पर ताला लगाने जैसी लापरवाही भी उजागर हुई है, जिससे विद्यालय में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा बाधित हो गई। इसी अव्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं बीमार पड़ गईं।

जिला प्रशासन ने बताया कि घटना के बाद सभी संबंधित कर्मियों से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन कई कर्मियों ने जवाब नहीं दिया या असंतोषजनक जवाब दिया। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कार्रवाई की गई। इधर राहत की बात यह है कि बीमार हुई सभी 77 छात्राएं अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में समय पर इलाज मिलने के बाद उनकी स्थिति सामान्य हो गई।

प्रशासन ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि विद्यालय में पढ़ाई और दैनिक कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। नए शिक्षकों और रसोइयों की तैनाती भी की जा रही है ताकि शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रूप से चलती रहें। जिला उपायुक्त ने सख्त चेतावनी दी है कि जिले के किसी भी स्कूल में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और अनुशासन के साथ लापरवाही करने वाले अधिकारियों या कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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