झारखंड

सिंदूरदान के दौरान परिजनों ने बेटी की अर्थी निकाली

Saba Naaz
19 Jun 2026 6:30 PM IST
सिंदूरदान के दौरान परिजनों ने बेटी की अर्थी निकाली
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Jharkhand: झारखंड के गढ़वा जिले के रमना प्रखंड के बगोंधा टोला में शादी के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. सिंदूरदान की रस्म के समय दुल्हन द्वारा शादी से इनकार करने के बाद बारात बिना दुल्हन के वापस लौट गई. इसके बाद परिजनों ने गुस्से और सामाजिक दबाव में आकर अपनी जीवित बेटी की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर अंतिम संस्कार कर दिया.

शादी की रस्में तक पहुंचा था विवाह

जानकारी के अनुसार, बगोंधा टोला निवासी सुखट राम की पुत्री पुष्पा कुमारी की शादी जुबैरिया गांव निवासी दीपक कुमार रवि के साथ तय हुई थी. बारात धूमधाम से पहुंची और जयमाला समेत कई रस्में भी पूरी हो चुकी थीं.

सिंदूरदान के वक्त अचानक लिया फैसला

मंडप में जैसे ही सिंदूरदान की रस्म शुरू होने वाली थी, दुल्हन ने अचानक शादी से इनकार कर दिया. इस फैसले से समारोह में हड़कंप मच गया. परिवार और ग्रामीणों ने रातभर समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपने निर्णय पर अडिग रही.

पुलिस और ग्रामीणों की कोशिशें बेअसर

सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और लड़की को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. अंत में बारात को बिना दुल्हन के लौटना पड़ा.

परिजनों ने निकाली प्रतीकात्मक अर्थी

घटना के बाद परिजन गहरे सदमे और आक्रोश में आ गए. कुछ दिनों बाद उन्होंने बेटी को सामाजिक रूप से “मृत मानते हुए” उसकी प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और गांव में घुमाकर अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं.

गांव में चर्चा का माहौल

इस घटना के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है. परिजन इसे सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा मामला बता रहे हैं, जबकि ग्रामीण इसे एक बेहद असामान्य कदम मान रहे हैं.

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