
रांची। रेलवे ट्रैक पर किसी व्यक्ति के रनओवर होने के बाद शव हटाने में होने वाली देरी अब यात्रियों और रेल परिचालन पर भारी नहीं पड़ेगी। रांची रेल मंडल में ट्रैक पर शव पड़े रहने के कारण ट्रेनों के परिचालन में लंबे समय तक बाधा आने की समस्या को देखते हुए रेलवे ने त्वरित कार्रवाई के लिए नई संयुक्त प्रक्रिया लागू करने की दिशा में कदम उठाया है। इसके तहत रेलवे, पुलिस और संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
अब तक कई मामलों में ट्रैक पर किसी व्यक्ति के शव मिलने के बाद उसे हटाने की प्रक्रिया में तीन से चार घंटे या उससे भी अधिक समय लग जाता था। इस दौरान यात्री ट्रेन और मालगाड़ियों को अलग-अलग स्थानों पर रोकना पड़ता था। लंबे समय तक ट्रेनों के खड़े रहने से यात्रियों को परेशानी होती थी और रेल परिचालन का समय भी प्रभावित होता था।
लंबे समय तक ट्रैक पर पड़े रहते थे शव
रांची रेल मंडल में रेलवे ट्रैक या उसके आसपास रनओवर की घटनाओं के बाद शव हटाने में होने वाली देरी एक गंभीर परिचालन समस्या बन रही थी। किसी व्यक्ति के ट्रेन की चपेट में आने के बाद मौके पर पुलिस की कार्रवाई, शव की पहचान, पंचनामा और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में समय लग जाता था।
इस दौरान रेल लाइन को सामान्य रूप से चालू करना मुश्किल हो जाता था। सुरक्षा कारणों से ट्रेनों को घटनास्थल से पहले रोकना पड़ता था। यदि मामला व्यस्त रेल मार्ग पर हो, तो इसका असर आगे चलने वाली कई ट्रेनों पर भी पड़ सकता था।
रेलवे अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक शव को हटाने की व्यवस्था कैसे तेजी से की जाए और साथ ही रेल यातायात की सुरक्षा भी बनी रहे।
संयुक्त प्रक्रिया आदेश से तेज होगी कार्रवाई
समस्या के समाधान के लिए रांची रेल मंडल ने संयुक्त प्रक्रिया आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य ट्रैक पर या उसके आसपास शव मिलने की स्थिति में संबंधित विभागों के बीच तत्काल समन्वय स्थापित करना है।
नई व्यवस्था में घटनास्थल पर पहुंचने, आवश्यक जानकारी जुटाने और कानूनी औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया जाएगा। रेलवे और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को जल्द से जल्द ट्रैक से हटाया जा सके।
इससे ट्रेनों को लंबे समय तक रोकने की जरूरत कम होगी और रेल परिचालन को जल्द सामान्य किया जा सकेगा।
यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
ट्रैक पर शव मिलने की घटनाओं का सबसे ज्यादा असर यात्रियों पर पड़ता है। ट्रेन को लंबे समय तक रोक दिए जाने से यात्रियों को घंटों स्टेशन या रास्ते में इंतजार करना पड़ता है। कई बार ट्रेन के निर्धारित समय में देरी होने के कारण यात्रियों की आगे की यात्रा भी प्रभावित होती है।
नई प्रक्रिया लागू होने के बाद ऐसी घटनाओं में परिचालन संबंधी देरी कम होने की उम्मीद है। रेलवे का प्रयास है कि सुरक्षा से किसी तरह का समझौता किए बिना ट्रेनों को जल्द से जल्द सामान्य गति से चलाया जा सके।
मालगाड़ियों का परिचालन भी होता था प्रभावित
इस समस्या का असर केवल यात्री ट्रेनों तक सीमित नहीं था। ट्रैक पर शव पड़े रहने से मालगाड़ियों का परिचालन भी प्रभावित होता था। किसी महत्वपूर्ण मार्ग पर लंबे समय तक परिचालन बाधित होने पर कई ट्रेनों की आवाजाही का क्रम बिगड़ सकता था।
मालगाड़ियों के समय पर नहीं चलने से रेलवे के परिचालन प्रबंधन पर भी दबाव बढ़ता था। ऐसे में त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था से यात्री और माल दोनों तरह की ट्रेनों के परिचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा और कानूनी प्रक्रिया रहेगी प्राथमिकता
रेलवे की नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल ट्रेनों को जल्दी चलाना नहीं है, बल्कि कानूनी और सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाओं को व्यवस्थित तरीके से पूरा करना भी है। रनओवर के मामलों में पुलिस की जांच और अन्य आवश्यक औपचारिकताओं का पालन जरूरी होता है।
ऐसे में नई संयुक्त प्रक्रिया के जरिए सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारियों और कार्रवाई के क्रम को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। इससे किसी घटना के बाद यह तय करने में समय कम लगेगा कि किस स्तर पर कौन-सी कार्रवाई की जानी है।
समन्वय से कम होगी परिचालन संबंधी परेशानी
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि ऐसी घटनाओं में समय पर सूचना और विभागों के बीच समन्वय सबसे महत्वपूर्ण है। यदि घटनास्थल की सूचना मिलने के तुरंत बाद संबंधित टीम सक्रिय हो जाए और आवश्यक प्रक्रिया समानांतर रूप से आगे बढ़े, तो ट्रैक को लंबे समय तक बाधित होने से बचाया जा सकता है।
नई प्रक्रिया के जरिए इसी तरह के समन्वित तंत्र को मजबूत करने का प्रयास किया गया है। इससे भविष्य में ट्रैक पर शव मिलने की घटनाओं के कारण होने वाली लंबी देरी को कम करने में मदद मिलेगी।
रेलवे परिचालन को सुचारु रखने पर जोर
रांची रेल मंडल में यात्री और माल यातायात को सुचारु बनाए रखना रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल है। ट्रैक पर रनओवर की घटनाओं को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है, लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद होने वाली परिचालन संबंधी देरी को कम किया जा सकता है।
इसी उद्देश्य से जारी संयुक्त प्रक्रिया आदेश को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। उम्मीद है कि रेलवे और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल से शव हटाने की प्रक्रिया में तेजी आएगी और ट्रेनों को लंबे समय तक रोकने की जरूरत कम होगी।





