झारखंड

सारठ में किसान बीज भंडार से करीब एक करोड़ के बीज-दवा चोरी का आरोप

Kavita2
21 Aug 2026 4:39 PM IST
सारठ में किसान बीज भंडार से करीब एक करोड़ के बीज-दवा चोरी का आरोप
x

सारठ। शांति चौक के नीचे स्थित किसान बीज भंडार से करीब एक करोड़ रुपये मूल्य के बीज और कृषि दवाओं की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। दुकान के मालिक दिलीप कुमार मंडल ने इस संबंध में दुकान में काम करने वाले एग्रो सीड कंपनी के दो कर्मचारियों के खिलाफ थाना में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपितों की पहचान डिंडाकोली निवासी प्रदुम कुमार मंडल और ओझाडीह गंडा निवासी पिंटू कुमार पंडित के रूप में हुई है।

दुकानदार का आरोप है कि दोनों कर्मचारियों द्वारा पिछले करीब एक वर्ष से लगातार हेराफेरी की जा रही थी। स्टॉक में गड़बड़ी सामने आने के बाद जब बिक्री रजिस्टर और उपलब्ध माल का मिलान किया गया, तब मामले को लेकर संदेह गहराया। इसके बाद बीज खरीदने वाले अन्य दुकानदारों से जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान कथित तौर पर कम कीमत पर बीज उपलब्ध कराए जाने की बात सामने आई।

स्टॉक में गड़बड़ी से हुआ शक

दुकान मालिक के मुताबिक, नियमित रूप से स्टॉक की जांच के दौरान बीज और कृषि दवाओं की मात्रा में अंतर पाया गया। उपलब्ध स्टॉक और बिक्री पंजी में दर्ज आंकड़ों का मिलान करने पर अंतर स्पष्ट हुआ। इसके बाद उन्होंने यह पता लगाने का प्रयास किया कि स्टॉक में कमी किस वजह से हुई।

जांच के दौरान जिन दुकानदारों ने किसान बीज भंडार से माल खरीदा था, उनसे भी जानकारी ली गई। आरोप है कि कुछ दुकानदारों ने बताया कि उन्हें संबंधित बीज अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराए जा रहे थे। इस जानकारी के बाद दुकान मालिक को कर्मचारियों की भूमिका पर संदेह हुआ।

दुकानदार का कहना है कि मामले की जांच आगे बढ़ाने पर बड़ी मात्रा में बीज और दवाओं की कथित हेराफेरी का पता चला। उनके अनुसार, चोरी या हेराफेरी किए गए सामान की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये तक हो सकती है।

दो कर्मचारियों पर लगाया आरोप

किसान बीज भंडार के मालिक दिलीप कुमार मंडल ने मामले में प्रदुम कुमार मंडल और पिंटू कुमार पंडित को आरोपित बनाया है। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, दोनों कर्मचारी दुकान में कृषि उत्पादों की बिक्री और अन्य काम से जुड़े हुए थे। दुकान मालिक का आरोप है कि इसी जिम्मेदारी का फायदा उठाकर पिछले करीब एक वर्ष से स्टॉक में कथित हेराफेरी की जा रही थी।

हालांकि, आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच कर सकती है।

विश्वास का फायदा उठाने का आरोप

दुकान मालिक दिलीप मंडल ने बताया कि आरोपित प्रदुम कुमार मंडल उनके गांव का ही रहने वाला है। वह पिछले करीब दो वर्षों से उनकी दुकान में एग्रो सीड कंपनी के तहत काम कर रहा था।

दिलीप मंडल के अनुसार, प्रदुम के पिता अरुण मंडल भी करीब 15 वर्षों तक उनकी दुकान में काम कर चुके हैं। लंबे समय तक साथ काम करने और पारिवारिक परिचय के कारण प्रदुम पर भी उन्हें काफी विश्वास था।

दुकानदार का कहना है कि इसी भरोसे के कारण उन्होंने कर्मचारियों को जिम्मेदारियां दी थीं। अब कथित तौर पर स्टॉक में बड़ी गड़बड़ी सामने आने के बाद उन्हें विश्वासघात जैसा महसूस हो रहा है।

कम कीमत पर बीज मिलने की बात से खुला मामला

मामले में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी उन दुकानदारों से मिली जानकारी बताई जा रही है, जिन्होंने कम कीमत पर बीज मिलने की बात कही। सामान्य तौर पर कृषि उत्पादों की बिक्री में कीमत और स्टॉक का हिसाब दर्ज रहता है। ऐसे में कम कीमत पर माल उपलब्ध होने की जानकारी मिलने के बाद दुकान मालिक ने स्टॉक की जांच को और गंभीरता से लिया।

विक्रय पंजी में दर्ज माल और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर मिलने के बाद कथित हेराफेरी की आशंका मजबूत हुई। इसके बाद मामले को पुलिस तक पहुंचाया गया।

किसानों के बीच भी चिंता

बीज और कृषि दवाओं की दुकान से बड़ी मात्रा में माल की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने से स्थानीय कृषि कारोबार से जुड़े लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। बीज और दवाएं किसानों के लिए जरूरी कृषि सामग्री हैं। ऐसे में इनके कारोबार में अनियमितता की शिकायत सामने आने पर उत्पादों की आपूर्ति और गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं।

हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथित तौर पर हेराफेरी किए गए बीज और दवाएं किन-किन दुकानदारों तक पहुंचीं और उनका इस्तेमाल कहां किया गया।

पुलिस जांच से खुलेगा पूरा राज

शिकायत दर्ज होने के बाद अब मामले की जांच में स्टॉक रजिस्टर, बिक्री पंजी, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, संबंधित दुकानदारों के बयान और अन्य रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि कथित रूप से गायब सामान की वास्तविक मात्रा कितनी है और उसकी कीमत कितनी बनती है।

यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में शामिल लोगों की भूमिका और कथित हेराफेरी के पूरे नेटवर्क का भी पता लगाया जा सकता है।

सारठ के किसान बीज भंडार से करीब एक करोड़ रुपये के बीज और कृषि दवाओं की कथित हेराफेरी का आरोप गंभीर है। दुकान मालिक ने दो कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और पिछले एक वर्ष से गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि स्टॉक में कितनी कमी हुई, माल कहां गया और इस पूरे मामले में किस-किस की भूमिका रही।

Next Story