झारखंड

राशन कार्ड को लेकर नया लक्ष्य तय, राज्य में 2.64 करोड़ लोगों को मिलेगा खाद्यान्न

Kavita2
21 Aug 2026 4:27 PM IST
राशन कार्ड को लेकर नया लक्ष्य तय, राज्य में 2.64 करोड़ लोगों को मिलेगा खाद्यान्न
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धनबाद। राज्य में नए राशन कार्ड बनवाने को लेकर लगातार बढ़ रही आवेदनों की संख्या और जिलों में लंबी प्रतीक्षा सूची के बीच सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभुकों की संख्या को लेकर नया लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य सरकार ने प्रदेशभर में 2.64 करोड़ लोगों को राशन उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। यह संख्या राज्य की कुल अनुमानित आबादी 3.29 करोड़ का करीब 80.10 प्रतिशत है।

विभागीय आदेश के अनुसार, नए लक्ष्य में अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और पूर्वविक्ता प्राप्त गृहस्थ योजना (पीएचएच) के राशन कार्डधारियों को शामिल किया गया है। सरकार की ओर से जिलावार लक्ष्य भी निर्धारित कर संबंधित जिलों को सूची उपलब्ध करा दी गई है।

हर जिले में नए राशन कार्ड के लिए आवेदन

राज्य में राशन कार्ड बनवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग लगातार आवेदन कर रहे हैं। कई जिलों में नए राशन कार्ड के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची बनी हुई है। पात्र परिवारों की संख्या बढ़ने और नए आवेदनों के कारण विभाग के सामने लाभुकों के चयन तथा निर्धारित सीमा के भीतर राशन उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है।

हाल के दिनों में राज्य सरकार ने करीब 25 लाख लोगों की प्रतीक्षा सूची को समाप्त करने के उद्देश्य से आदेश जारी किया था। इसके बाद अब नए लक्ष्य के निर्धारण से राशन वितरण व्यवस्था को लेकर तस्वीर कुछ और स्पष्ट हुई है।

सरकार का उद्देश्य निर्धारित सीमा के भीतर पात्र लाभुकों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना है, ताकि खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।

कुल आबादी के 80.10 प्रतिशत को राशन

विभाग ने राज्य की कुल आबादी को ध्यान में रखते हुए 2.64 करोड़ लोगों को राशन देने का लक्ष्य तय किया है। राज्य की कुल आबादी करीब 3.29 करोड़ बताई गई है। इस हिसाब से सरकार ने 80.10 प्रतिशत आबादी को खाद्य सुरक्षा योजना के दायरे में रखने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इसमें मुख्य रूप से एएवाई और पीएचएच श्रेणी के लाभुक शामिल होंगे। इन दोनों श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले परिवारों को सरकार की खाद्यान्न वितरण व्यवस्था के तहत राशन उपलब्ध कराया जाता है।

नए लक्ष्य के बाद जिलों को अपनी पात्रता सूची और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर लाभुकों को जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी।

जिलावार तय किया गया लक्ष्य

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए हैं। संबंधित जिलों को लक्ष्य की सूची भेज दी गई है। अब स्थानीय स्तर पर आवेदन, पात्रता और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर नए लाभुकों को राशन कार्ड योजना में शामिल किया जाएगा।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी जिले में निर्धारित लक्ष्य से अधिक लाभुकों को सामान्य प्रक्रिया के तहत नहीं जोड़ा जा सकेगा। इसके लिए संबंधित श्रेणी में रिक्ति होना जरूरी होगा।

इस प्रावधान का उद्देश्य राशन कार्डों की संख्या को निर्धारित सीमा के भीतर बनाए रखना है, ताकि उपलब्ध खाद्यान्न और लाभुकों के बीच संतुलन बना रहे।

रिक्तियां होने पर ही जुड़ेंगे अतिरिक्त लाभुक

विभागीय आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तय लक्ष्य से अधिक लाभुकों को तभी जोड़ा जा सकेगा, जब संबंधित जिले या श्रेणी में रिक्तियां उपलब्ध हों। यानी केवल आवेदन कर देने से किसी व्यक्ति का राशन कार्ड बनना सुनिश्चित नहीं होगा।

पात्रता की जांच के साथ यह भी देखा जाएगा कि संबंधित जिले में लाभुकों को जोड़ने के लिए निर्धारित सीमा के भीतर जगह उपलब्ध है या नहीं।

इस व्यवस्था से राशन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले लोगों को अपनी पात्रता के साथ उपलब्ध कोटा और रिक्तियों का भी इंतजार करना पड़ सकता है।

गंभीर बीमारी वाले लोगों के लिए विशेष प्रावधान

सरकार ने गंभीर बीमारी और असाध्य रोगों से पीड़ित लोगों के लिए विशेष व्यवस्था का प्रावधान किया है। विभाग के अनुसार, ऐसे जरूरतमंद लोगों को योजना में शामिल करने के लिए 100 रिक्तियां रखना अनिवार्य होगा।

इसका उद्देश्य गंभीर और असाध्य बीमारी से जूझ रहे जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा से वंचित होने से बचाना है। सामान्य परिस्थितियों में लक्ष्य पूरा हो जाने के बाद भी इन विशेष मामलों के लिए निर्धारित रिक्तियों का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

इस प्रावधान के कारण जिलों को लाभुकों के चयन में संवेदनशील मामलों को प्राथमिकता देनी होगी।

प्रतीक्षा सूची से जुड़े लोगों की उम्मीदें बढ़ीं

करीब 25 लाख लोगों की प्रतीक्षा सूची खत्म करने के लिए सरकार की ओर से पहले ही प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद अब नए लक्ष्य से ऐसे परिवारों की उम्मीदें बढ़ी हैं, जो लंबे समय से राशन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं।

हालांकि, लाभुकों को जोड़ने की प्रक्रिया निर्धारित लक्ष्य और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर ही होगी। ऐसे में प्रतीक्षा सूची में शामिल सभी लोगों को एक साथ राशन कार्ड मिलना जरूरी नहीं है।

जिलों में आवेदनों की जांच, पात्रता निर्धारण और रिक्तियों के अनुसार चयन की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

सरकार के सामने बड़ी चुनौती

राज्य में राशन कार्ड के लिए लगातार नए आवेदन आना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। एक तरफ बड़ी संख्या में लोग खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर लाभुकों की संख्या निर्धारित सीमा से आगे नहीं बढ़ाई जा सकती।

ऐसे में विभाग को पात्र और अपात्र आवेदनों के बीच अंतर करते हुए पारदर्शी तरीके से लाभुकों का चयन करना होगा। साथ ही लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे परिवारों के आवेदनों की स्थिति स्पष्ट करना भी जरूरी होगा।

राज्य सरकार की ओर से 2.64 करोड़ लोगों को राशन देने का नया लक्ष्य तय किए जाने से खाद्य सुरक्षा योजना का दायरा स्पष्ट हुआ है। कुल आबादी के 80.10 प्रतिशत हिस्से को योजना में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। अब जिलावार निर्धारित लक्ष्य, उपलब्ध रिक्तियों और पात्रता के आधार पर नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वहीं गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों के लिए 100 रिक्तियां सुरक्षित रखने का प्रावधान जरूरतमंद परिवारों के लिए अहम माना जा रहा है।

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