झारखंड

Dhanbad : कोयला चोरी जारी, 522 मामलों में 2972 मीट्रिक टन चोरी की कोशिश

Kavita2
27 Jun 2026 3:28 PM IST
Dhanbad : कोयला चोरी जारी, 522 मामलों में 2972 मीट्रिक टन चोरी की कोशिश
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Jharkhand झारखण्ड : झारखंड के धनबाद जिले में कोयला चोरी पर अंकुश लगाने के तमाम दावों के बावजूद अवैध कारोबार लगातार जारी है। आरोप है कि कोयला चोरों को स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के कुछ कर्मियों का संरक्षण मिल रहा है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी और अवैध परिवहन की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं।

बीसीसीएल मुख्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मई 2026 के बीच कोयला चोरी से जुड़े कुल 522 मामले दर्ज किए गए हैं। यह आंकड़ा सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इन मामलों को लेकर लगातार बीसीसीएल प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समीक्षा बैठकें भी की जा रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में लगभग 2972.13 मीट्रिक टन कोयला चोरी करने या चोरी के प्रयास की घटनाएं सामने आई हैं। इसकी अनुमानित बाजार कीमत 2.37 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह आंकड़ा इस बात को दर्शाता है कि संगठित तरीके से कोयला चोरी का नेटवर्क सक्रिय है।

हालांकि बीसीसीएल और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से निगरानी बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इसमें ड्रोन सर्विलांस, संयुक्त छापेमारी अभियान और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती शामिल है। इसके बावजूद चोरी की घटनाओं में अपेक्षित कमी नहीं देखी जा रही है।

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ इलाकों में प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से कोयले की अवैध निकासी को संरक्षण मिलता है, जिससे कार्रवाई के बावजूद यह अवैध धंधा पूरी तरह खत्म नहीं हो पा रहा है।

बीसीसीएल प्रबंधन का कहना है कि कोयला चोरी रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों ने भी कहा है कि निगरानी तंत्र को और आधुनिक बनाया जा रहा है ताकि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।

कुल मिलाकर, धनबाद में कोयला चोरी की लगातार बढ़ती घटनाएं न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रही हैं, बल्कि यह भी दर्शाती हैं कि संगठित अवैध नेटवर्क को खत्म करने के लिए और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

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