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देवघर। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत सोमवार को झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक नगर देवघर पहुंचे। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के दो अन्य न्यायाधीश भी मौजूद रहे। नई दिल्ली से देवघर एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्य न्यायाधीश और उनके साथ आए न्यायाधीशों का स्वागत किया गया। देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था के प्रमुख के देवघर आगमन को लेकर स्थानीय प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों के बीच विशेष उत्साह देखने को मिला। इस महत्वपूर्ण दौरे के मद्देनजर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया गया।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का देवघर दौरा न्यायिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। देवघर धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाला शहर है, जहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में देश के मुख्य न्यायाधीश के आगमन ने स्थानीय स्तर पर विशेष ध्यान आकर्षित किया है। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायाधीशों की मौजूदगी ने इस यात्रा को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
नई दिल्ली से देवघर पहुंचे मुख्य न्यायाधीश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत सोमवार को नई दिल्ली से हवाई मार्ग के जरिए देवघर पहुंचे। देवघर एयरपोर्ट पर उनके आगमन को लेकर स्वागत की तैयारियां की गई थीं। विमान से उतरने के बाद उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया गया। इस दौरान उनके साथ आए सर्वोच्च न्यायालय के दोनों न्यायाधीशों का भी स्वागत हुआ।मुख्य न्यायाधीश के आगमन को लेकर एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। विशिष्ट अतिथियों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासनिक समन्वय और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन महत्वपूर्ण रहा। हालांकि, स्वागत समारोह में शामिल अधिकारियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की पूरी सूची की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुप्रीम कोर्ट के दो न्यायाधीश भी दौरे में शामिल
मुख्य न्यायाधीश के साथ सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एस. चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह भी देवघर दौरे पर पहुंचे हैं। दोनों न्यायाधीश राज्यस्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तीकरण शिविर में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होने वाले हैं। कार्यक्रम में झारखंड हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय की उपस्थिति भी निर्धारित की गई है।
देवघर व्यवहार न्यायालय में विशेष कार्यक्रम
मुख्य न्यायाधीश के दौरे का प्रमुख उद्देश्य देवघर व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय विधिक सेवा-सह-सशक्तीकरण शिविर में भाग लेना है। यह आयोजन झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार और जिला प्रशासन के सहयोग से किया जा रहा है।शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से पात्र लाभार्थियों को जोड़ना है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शिविर में पीड़ितों को मुआवजे के चेक और विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता प्रदान की जानी है। इसके अतिरिक्त विधिक सहायता क्लिनिकों के डिजिटल उद्घाटन का भी कार्यक्रम रखा गया है।
बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना का कार्यक्रम
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत के देवघर दौरे में प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना का कार्यक्रम भी शामिल है। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन की ओर से इस यात्रा को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मुख्य न्यायाधीश की प्रस्तावित मंदिर यात्रा को देखते हुए सुरक्षा और आवागमन की विशेष व्यवस्था की गई है।
शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, यातायात व्यवस्था में बदलाव
मुख्य न्यायाधीश के दौरे को देखते हुए देवघर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। एयरपोर्ट, बाबा बैद्यनाथ मंदिर, हाईकोर्ट गेस्ट हाउस और व्यवहार न्यायालय परिसर तक जाने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है।प्रशासन ने सोमवार दोपहर तीन बजे से रात नौ बजे तक निर्धारित वीआईपी मार्गों पर ऑटो और टोटो के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया है। शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर भी पाबंदी निर्धारित की गई है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य मुख्य न्यायाधीश के काफिले की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और यातायात को व्यवस्थित रखना है।
रांची में 35 करोड़ रुपये के डेटा सेंटर का उद्घाटन
देवघर के कार्यक्रम के बाद मुख्य न्यायाधीश का रांची जाने का कार्यक्रम है। वहां झारखंड हाईकोर्ट परिसर में लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन निर्धारित है।इस डेटा सेंटर का उद्देश्य झारखंड हाईकोर्ट और राज्य की अधीनस्थ अदालतों के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इसके साथ नई आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित न्यायिक सुविधाओं की शुरुआत भी प्रस्तावित है। इन तकनीकी पहलों से न्यायिक कामकाज को अधिक आधुनिक और सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
न्यायिक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण दौरा
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का झारखंड दौरा विधिक सहायता और न्यायिक आधुनिकीकरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर देवघर में आयोजित शिविर के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक न्यायिक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर रांची में डिजिटल सुविधाओं के विस्तार की तैयारी है।न्यायिक विशेषज्ञों के अनुसार, विधिक जागरूकता और तकनीकी संसाधनों का विस्तार आम नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। मुख्य न्यायाधीश के इस दौरे से राज्य में विधिक सेवा कार्यक्रमों और न्यायिक डिजिटल सुविधाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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