झारखंड

JSSC दफ्तर में CID की SIT की दिनभर छापेमारी CGL समेत कई परीक्षाओं के दस्तावेज जब्त

Kavita2
5 Sept 2026 9:51 AM IST
JSSC दफ्तर में CID की SIT की दिनभर छापेमारी CGL समेत कई परीक्षाओं के दस्तावेज जब्त
x

रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय में शुक्रवार को सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने दिनभर छापेमारी की। इस दौरान जांच टीम ने संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (CGL) समेत अन्य परीक्षाओं से संबंधित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों को खंगाला। जांच के दौरान कई दस्तावेज जब्त किए गए, जिन्हें एसआईटी अपने साथ ले गई। जब्त किए गए दस्तावेजों का सत्यापन आयोग के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से भी कराया गया है।

एसआईटी की इस कार्रवाई के बाद जेएसएससी की परीक्षाओं से जुड़े मामलों की जांच एक बार फिर चर्चा में आ गई है। जांच टीम का मुख्य फोकस परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल पर रहा। टीम ने कार्यालय में मौजूद विभिन्न रिकॉर्ड की जांच की और आवश्यक दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया।

सुबह से शुरू हुई जांच दिनभर चली कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक सीआईडी की एसआईटी शुक्रवार को जेएसएससी कार्यालय पहुंची और जांच शुरू की। टीम के अधिकारियों ने कार्यालय में मौजूद परीक्षा से संबंधित रिकॉर्ड की बारीकी से पड़ताल की। कार्रवाई कई घंटे तक चली और टीम दिनभर कार्यालय में मौजूद रही।

जांच के दौरान सीजीएल परीक्षा से संबंधित दस्तावेजों को विशेष रूप से खंगाला गया। इसके अलावा आयोग द्वारा आयोजित अन्य परीक्षाओं से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में रहे। एसआईटी ने उन दस्तावेजों की पहचान की जिन्हें आगे की जांच के लिए जरूरी माना गया।

कई दस्तावेजों को जांच टीम ने जब्त कर लिया। इन दस्तावेजों को कार्यालय से बाहर ले जाने से पहले आयोग के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से उनका सत्यापन कराया गया। इससे जब्त रिकॉर्ड की आधिकारिक पुष्टि भी हो गई।

CGL परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल

एसआईटी की कार्रवाई में सीजीएल परीक्षा से संबंधित दस्तावेज प्रमुख रूप से जांच के दायरे में रहे। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि के संकेत मिलते हैं या नहीं।

जांच के दौरान परीक्षा आयोजन से संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य उपलब्ध सामग्री की पड़ताल की गई। हालांकि कौन-कौन से दस्तावेज जब्त किए गए हैं, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

एसआईटी अब जब्त दस्तावेजों का विस्तृत अध्ययन कर सकती है। अलग-अलग रिकॉर्ड का आपस में मिलान करने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। दस्तावेजों में किसी तरह की विसंगति सामने आने पर संबंधित अधिकारियों या कर्मचारियों से पूछताछ भी की जा सकती है।

आयोग के सचिव से कराया गया सत्यापन

छापेमारी के दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू जब्त किए गए दस्तावेजों का सत्यापन रहा। एसआईटी ने जिन दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया, उनकी पुष्टि जेएसएससी के सचिव सुधीर कुमार गुप्ता से कराई गई।

जांच प्रक्रिया में दस्तावेजों का सत्यापन महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि जब्त रिकॉर्ड आयोग से संबंधित आधिकारिक दस्तावेज ही हैं। आगे की जांच में इन्हीं रिकॉर्ड को आधार बनाकर विभिन्न तथ्यों की पुष्टि की जा सकती है।

एसआईटी जरूरत पड़ने पर आयोग के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों से भी जानकारी हासिल कर सकती है। परीक्षा प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों से जुड़े अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल दस्तावेजों के अध्ययन के आधार पर की जा सकती है।

कई परीक्षाओं के रिकॉर्ड जांच के दायरे में

कार्रवाई केवल सीजीएल परीक्षा तक सीमित नहीं रही। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एसआईटी ने अन्य परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज भी खंगाले। इससे संकेत मिलता है कि जांच टीम आयोग की परीक्षा प्रणाली से जुड़े विभिन्न रिकॉर्ड को व्यापक रूप से देख रही है।

अब यह जांच का विषय होगा कि एसआईटी को दस्तावेजों की पड़ताल में क्या जानकारी मिली है। जब्त रिकॉर्ड के अध्ययन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

परीक्षाओं से जुड़े मामलों में दस्तावेजों के अलावा डिजिटल रिकॉर्ड भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर परीक्षा से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक डेटा और संचार रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।

अभ्यर्थियों की नजर जांच पर

जेएसएससी की परीक्षाओं में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं। ऐसे में आयोग से जुड़ी किसी भी जांच या कार्रवाई पर प्रतियोगी छात्रों की नजर बनी रहती है। खासकर सीजीएल जैसी महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षा से जुड़े दस्तावेजों की जांच होने के कारण इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा होती है। परीक्षा की तैयारी में उम्मीदवार लंबे समय तक मेहनत करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी शिकायत या संदेह की निष्पक्ष जांच जरूरी मानी जाती है।

दस्तावेजों से खुल सकती हैं जांच की अहम कड़ियां

एसआईटी द्वारा जब्त किए गए दस्तावेज अब जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। टीम इन रिकॉर्ड का मिलान पहले से उपलब्ध सूचनाओं और साक्ष्यों से कर सकती है। यदि रिकॉर्ड में कोई अंतर या संदिग्ध तथ्य सामने आता है तो जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

इसके अलावा यह भी देखा जा सकता है कि परीक्षा से जुड़े विभिन्न चरणों में किन अधिकारियों और एजेंसियों की जिम्मेदारी थी। दस्तावेजों के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों से सवाल-जवाब किए जाने की संभावना भी बनी हुई है।

आगे और बढ़ सकती है जांच

शुक्रवार को हुई दिनभर की कार्रवाई के बाद अब सभी की नजर एसआईटी के अगले कदम पर है। जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच में समय लग सकता है। दस्तावेजों से मिलने वाले तथ्यों के आधार पर आगे पूछताछ या अन्य स्थानों पर कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल सीआईडी की एसआईटी ने जेएसएससी कार्यालय में दिनभर छापेमारी कर सीजीएल समेत विभिन्न परीक्षाओं के रिकॉर्ड खंगाले हैं। कई दस्तावेजों को आयोग के सचिव से सत्यापित कराने के बाद जब्त कर लिया गया है। इन दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि एसआईटी को क्या अहम जानकारी मिली और जांच आगे किस दिशा में बढ़ेगी।

Next Story