
Jharkhand: बोकारो जिले के पेटरवार थाना क्षेत्र के तेनुघाट ओपी अंतर्गत चटनियाबागी निवासी अंसारी राजू हकीम मोहम्मद साइबर ठगी का शिकार हो गए। हैरानी की बात यह है कि उनके मोबाइल पर न तो कोई OTP आया और न ही उन्होंने किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक किया, इसके बावजूद उनके बैंक खाते से 1.92 लाख रुपये की निकासी हो गई।
दो दिनों में हुआ ट्रांजेक्शन
पीड़ित के अनुसार, 9 जून को 94 हजार रुपये अमीना नामक खाते में और 10 जून को 98 हजार रुपये कनुभाई प्रजापति के खाते में UPI ट्रांजेक्शन के जरिए भेजे गए। इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी उन्हें तब मिली जब वे 13 जून को बैंक से पैसे निकालने पहुंचे।
बैंक और थाना में शिकायत
घटना सामने आने के बाद पीड़ित ने तुरंत बैंक को सूचना देकर सभी ट्रांजेक्शन पर रोक लगवाई। इसके बाद उन्होंने स्थानीय थाना में शिकायत दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया। शुरुआती प्रक्रिया के बाद उन्हें साइबर थाना भेजा गया।
साइबर थाना में जांच शुरू
पीड़ित ने सेक्टर-1 स्थित साइबर थाना पहुंचकर अपनी पूरी आपबीती बताई। इंस्पेक्टर अनिल कच्छप ने मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं।
मेहनत की कमाई हुई साफ
राजू महाराष्ट्र के ठाणे में फूड डिलीवरी का काम करते हैं और मेहनत से एक-एक पैसा जोड़कर परिवार चला रहे थे। अचानक हुई इस घटना से वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल लेन-देन में अत्यधिक सावधानी बरतें और किसी भी प्रकार की बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
जांच जारी
फिलहाल साइबर पुलिस मामले की तकनीकी जांच कर रही है और उन खातों की भी जांच की जा रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर हुए हैं।





