
रांची, झारखंड। बोकारो जिले की 14 वर्षीय लापता बच्ची मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को अहम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को इस मामले में प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि यदि जांच के दौरान CBI को किसी प्रकार की तकनीकी सहायता की जरूरत होती है तो राज्य सरकार उसे पूरा सहयोग देगी। इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की गई है।
फिलहाल इस मामले की जांच झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) कर रही है। सुनवाई के दौरान CID ने अदालत को जांच की प्रगति से अवगत कराया। एजेंसी ने बताया कि बिहार के गोपालगंज जिले में एक बच्ची की पहचान को लेकर अहम सुराग मिला है, जिसका चेहरा लापता किशोरी से लगभग 90 प्रतिशत तक मेल खाता है। हालांकि CID ने स्पष्ट किया कि केवल चेहरे की समानता के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, इसलिए वैज्ञानिक और तकनीकी जांच जारी है।
यह मामला बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र का है, जहां 14 वर्षीय बच्ची 16 अक्टूबर 2020 से लापता है। लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट लगातार इस मामले की निगरानी कर रहा है और जांच एजेंसियों से रिपोर्ट मांग रहा है।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित शेखर राय, जबकि प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता विसेंट रोहित मार्की और रितु नंदा उपस्थित रहे। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
अब CBI के जुड़ने से मामले की जांच और तेज होने की उम्मीद जताई जा रही है। अदालत अगली सुनवाई में जांच की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट देखेगी।





