
Uttarakhand उत्तराखंड : साइबर ठगी के एक मामले में मुंबई पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजपुर क्षेत्र में स्थित एक कॉल सेंटर से कई युवकों को हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई में कुल 11 युवकों को उठाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इनमें से एक युवक का सिम कार्ड साइबर ठगी की घटना में इस्तेमाल किया गया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस की टीम देहरादून पहुंची और यह कार्रवाई की गई।
सूत्रों के अनुसार, मामला साइबर फ्रॉड से जुड़ा हुआ है, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों से ऑनलाइन ठगी की शिकायतें मिली थीं। जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध मोबाइल नंबर और सिम कार्ड का पता चला, जिसका उपयोग ठगी की गतिविधियों में किया गया था। तकनीकी जांच के आधार पर यह लिंक देहरादून तक पहुंचा, जिसके बाद मुंबई पुलिस ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की योजना बनाई।
मुंबई पुलिस की टीम ने देहरादून के राजपुर क्षेत्र में स्थित एक कॉल सेंटर पर छापा मारा, जहां कई युवक कार्यरत थे। प्रारंभिक पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने 11 युवकों को हिरासत में लिया। सभी को आगे की पूछताछ के लिए मुंबई ले जाने की तैयारी की जा रही है, जहां उनसे साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर क्राइम नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या ये युवक सीधे तौर पर ठगी में शामिल थे या किसी बड़े नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि कॉल सेंटर में किस तरह का काम हो रहा था और क्या यह गतिविधियां कानूनी दायरे में थीं या नहीं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कॉल सेंटर में काम करने वाले कई युवकों को अचानक हुई इस कार्रवाई से आश्चर्य हुआ। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि जिस सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया, वह किसी साइबर ठगी मामले से जुड़ा हुआ है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
मुंबई पुलिस की साइबर सेल लगातार इस मामले की निगरानी कर रही थी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के नेटवर्क अक्सर विभिन्न राज्यों में फैले होते हैं और कॉल सेंटर जैसे संस्थानों का इस्तेमाल कई बार संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जाता है।
देहरादून पुलिस ने भी इस कार्रवाई में सहयोग किया और पूरे ऑपरेशन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद की। हिरासत में लिए गए युवकों से प्रारंभिक पूछताछ के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, साइबर ठगी के मामलों में इस तरह की कार्रवाई लगातार बढ़ रही है, क्योंकि अपराधी तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर अलग-अलग राज्यों में नेटवर्क फैला रहे हैं। ऐसे मामलों में एक छोटे से सिम कार्ड या डिजिटल ट्रेस के आधार पर पूरे रैकेट का पता लगाया जाता है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग हैं, इसका पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। यदि जरूरत पड़ी तो और भी लोगों को हिरासत में लिया जा सकता है।
इस कार्रवाई के बाद राजपुर क्षेत्र में स्थित कॉल सेंटरों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि इन संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों की पृष्ठभूमि और कार्य प्रणाली क्या है।
फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी 11 युवकों को मुंबई ले जाने की प्रक्रिया जारी है, जहां साइबर क्राइम यूनिट उनसे विस्तृत पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस पूछताछ से पूरे साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।





