झारखंड

2019 में लापता हुई डफली उरांव का मिला शव, एक साल बाद परिवार को मिली जानकारी

Kavita2
2 Oct 2026 1:53 PM IST
2019 में लापता हुई डफली उरांव का मिला शव, एक साल बाद परिवार को मिली जानकारी
x

लोहरदगा। लोहरदगा के कुटमू की रहने वाली 42 वर्षीय डफली उरांव के लापता होने का मामला कई वर्षों तक अनसुलझा रहा। डफली वर्ष 2019 में अचानक घर से गायब हो गई थीं। परिवार ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया, लेकिन लंबे समय तक उनका कोई पता नहीं चल सका। आखिरकार परिवार ने सदर थाना पुलिस को आवेदन देकर डफली के लापता होने की जानकारी दी और उनकी तलाश करने की गुहार लगाई।

डफली उरांव की शादी वर्ष 2005 में किस्को प्रखंड के आनंदपुर निवासी लक्ष्मण उरांव के साथ हुई थी। दोनों का एक बेटा भी है। हालांकि डफली के पति लक्ष्मण उरांव की करीब 10 वर्ष पहले ही मौत हो चुकी थी। पति की मृत्यु के बाद डफली अपने मायके कुटमू में रह रही थीं। यहीं से वर्ष 2019 में उनके अचानक गायब होने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई थी।

परिजनों के अनुसार, डफली के लापता होने के बाद उन्होंने कई जगहों पर उनकी तलाश की। आसपास के इलाकों के अलावा परिचितों और रिश्तेदारों से भी उनके बारे में जानकारी जुटाई गई, लेकिन कहीं से कोई सुराग नहीं मिला। काफी समय तक तलाश जारी रखने के बाद जब परिवार को कोई जानकारी नहीं मिली तो उन्होंने सदर थाना पुलिस से संपर्क किया।

परिवार ने पुलिस को आवेदन देकर बताया था कि डफली अचानक लापता हो गई हैं। पुलिस को दी गई जानकारी के बाद उनकी तलाश को लेकर मामला दर्ज किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी। हालांकि लंबे समय तक डफली के बारे में कोई ठोस जानकारी परिवार के हाथ नहीं लगी।

इसी बीच करीब एक साल बाद परिवार को अचानक ऐसी खबर मिली, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। उन्हें जानकारी हुई कि कुडू क्षेत्र में एक महिला का शव मिला है। महिला के शव मिलने की सूचना के बाद परिवार के बीच तरह-तरह की आशंकाएं पैदा हो गईं। कई वर्षों से लापता डफली की कोई जानकारी नहीं मिलने के कारण परिजनों ने इस खबर को गंभीरता से लिया।

कुडू में महिला का शव मिलने की जानकारी के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई। अब सबसे बड़ा सवाल यह था कि क्या बरामद महिला का शव डफली उरांव का ही है। परिवार ने इस संबंध में जानकारी जुटाने की कोशिश की। लंबे समय से लापता डफली के मामले से इस शव को जोड़कर देखा जाने लगा।

डफली के परिवार के लिए यह पूरा घटनाक्रम बेहद पीड़ादायक रहा। वर्ष 2019 में उनके अचानक गायब होने के बाद परिजन लगातार उनके बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश करते रहे। उन्हें उम्मीद थी कि किसी न किसी दिन डफली के बारे में कोई सुराग जरूर मिलेगा। लेकिन एक साल बाद कुडू में महिला का शव मिलने की खबर ने परिवार को झकझोर कर रख दिया।

डफली की निजी जिंदगी भी कई कठिन परिस्थितियों से गुजरी थी। वर्ष 2005 में उनकी शादी लक्ष्मण उरांव से हुई थी और उनका एक बेटा है। पति की मृत्यु करीब 10 वर्ष पहले हो चुकी थी। इसके बाद डफली अपने मायके कुटमू में रह रही थीं। ऐसे में उनके अचानक लापता हो जाने से परिवार के लिए स्थिति और अधिक चिंताजनक बन गई थी।

परिवार के मुताबिक, डफली के गायब होने के बाद उनकी तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। आसपास के गांवों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन कहीं से उनके बारे में कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई। समय बीतता गया और मामला लंबे समय तक परिवार के लिए एक सवाल बना रहा।

कुडू में महिला का शव मिलने की सूचना सामने आने के बाद अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश शुरू हुई। शव की पहचान, डफली के लापता होने का समय और दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंधों को लेकर जानकारी जुटाई जाने लगी। परिवार के लिए यह बेहद भावुक और संवेदनशील स्थिति थी, क्योंकि कई साल से गायब महिला के बारे में पहली बार कोई ठोस संकेत मिला था।

पुलिस के लिए भी यह मामला कई सवाल खड़े करता है। डफली वर्ष 2019 में कहां और किन परिस्थितियों में लापता हुईं, इसके बाद वह कहां रहीं और कुडू में मिला महिला का शव उनके मामले से किस तरह जुड़ा है, इन पहलुओं को समझना जरूरी है। इसके लिए पुलिस रिकॉर्ड और उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा सकती है।

डफली के लापता होने के बाद उनके परिवार ने जो आवेदन सदर थाना में दिया था, वह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उस समय परिवार ने किन परिस्थितियों में डफली के गायब होने की जानकारी दी थी और पुलिस को क्या-क्या विवरण उपलब्ध कराया गया था, इसकी समीक्षा की जा सकती है।

महिला का शव मिलने की जानकारी ने परिवार की वर्षों पुरानी प्रतीक्षा को एक अलग मोड़ दे दिया। अब परिवार की कोशिश यह जानने की है कि डफली के साथ आखिर क्या हुआ। यदि शव की पहचान डफली के रूप में होती है तो पुलिस को उनकी मौत की परिस्थितियों और उनके लापता होने के बीच संबंध स्थापित करने की जरूरत होगी।

मामले में परिवार के लिए सबसे बड़ा दर्द यह है कि डफली के लापता होने के बाद लंबे समय तक उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली। पति की मौत के बाद मायके में रह रही डफली के अचानक गायब होने से परिवार पहले ही परेशान था। अब कुडू में महिला का शव मिलने की खबर ने चिंता और बढ़ा दी।

फिलहाल इस पूरे मामले में शव की पहचान और घटनाक्रम की पुष्टि से जुड़े तथ्य महत्वपूर्ण हैं। पुलिस और परिवार को उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट करनी होगी। डफली के लापता होने की घटना और कुडू में मिले महिला के शव के बीच क्या संबंध है, यह जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।

वर्ष 2019 में लापता हुई डफली उरांव की तलाश अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंची है, जहां परिवार के सामने वर्षों पुराने सवाल का जवाब मिलने की उम्मीद जगी है। लंबे समय तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद कुडू में महिला का शव मिलने की सूचना सामने आई। अब परिवार और पुलिस की नजर इस बात पर है कि इस शव की पहचान किस रूप में होती है और डफली के लापता होने की पूरी कहानी किस तरह सामने आती है।

Next Story