झारखंड

हेमंत सोरेन के बारे में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल ने कह दी ये बड़ी बात

Gulabi Jagat
14 Jun 2022 9:41 PM IST
हेमंत सोरेन के बारे में भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल ने कह दी ये बड़ी बात
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नेता बाबूलाल ने कह दी ये बड़ी बात
रांची, जेएनएन। Jharkhand News झारखंड के पूर्व मुख्‍यमंत्री, भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को सुबह-सुबह ही कड़े तेवर दिखाए। उन्‍होंने आज फिर से झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन पर हमला बोला है। उन्‍होंने कहा कि अब सच सामने आ रहा है तो तिलमिला क्‍यों रहे हैं। बाबूलाल ने ट्विटर पर लिखा- आजकल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचारी, उपद्रवियों के बारे में मीडिया में चल रही/छप रही खबरों में हिडेन एजेंडा दिखने लगा है। ये भी तो बताते हेमंत जी कि दो सालों तक आपके/आपकी सरकार की करतूतों के बारे में छींकने जैसी मामूली खबर, विरोधी दल नेताओं के वक्तव्य छापने, दिखाने पर बात-बात में अखबारों/ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का विज्ञापन बंद करने की कार्रवाई कर सबकुछ अपने मन मुताबिक चलाने का प्रयास कितना मजेदार लगता था? आज सच सामने आ रहा है तो तिलमिला क्यों रहे? अगर ये सब याद नहीं है तो पूछियेगा। सब लिखकर आपको याद दिला दूंगा।

हेमंत सोरेन ने बताया था हिडेन एजेंडा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची हिंसा पर कहा है कि देश अभी अजीब परिस्थितियों से गुजर रहा है। बहुत संभलकर और सूझबूझ से इस समय को पार करने की आवश्यकता है। उन्‍होंने कहा कि मौजूदा परिस्थिति को समझते हुए हमें कदम बढ़ाने की जरूरत है। आवेश में गलतियां हो जाती हैं। रांची शहर जंग का मैदान नहीं है। उन्होंने कहा कि आज हर खबर, हर वीडियो में कहीं न कहीं, कुछ न कुछ हिडेन एजेंडा छिपा हुआ है। हमें संविधान और लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है।

उपद्रव की घटना पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज
राजधानी रांची में हुए उपद्रव के बाद पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। इसे लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने उपद्रवियों के परिजनों को 50 लाख मुआवजे की हिमायत पर जहां भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि अखबारों में उपद्रवियों के स्पष्ट फोटो छप रहे हैं, लेकिन सरकार कार्रवाई नहीं कर रही है। रांची में हुए हिंसा के बाद वैसे भी सरकार के प्रिय विधायक उपद्रवियों के परिजनों को 50 लाख मुआवजे की सिफारिश कर चुके हैं।कहीं इनके तुष्टीकरण की राजनीति में झारखंड आतंकियों का चारागाह न बन जाए।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन को ऐसी क्षुद्र राजनीति छोड़कर साढ़े तीन करोड़ झारखंडियों की चिंता करना चाहिए। हिंसा के 72 घंटे बाद भी केवल खानापूर्ति के नाम पर एक गिरफ्तारी हुई है, वो भी बिहार के मंत्री नितिन नवीन की गाड़ी क्षतिग्रस्त करने के आरोप में। आखिर क्या कारण है कि तमाम अखबारों में दंगाइयों के स्पष्ट फोटो होने के बाद भी वे पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं? हिंसा के बाद कहीं अपराधियों को सेफ टाइमिंग देकर उन्हें बाहर निकलने का मौका तो नहीं दिया जा रहा है? उन्होंने सवाल उठाया है कि पूरे घटना का लिंक यूपी के सहारनपुर से जुड़ रहा है। ऐसे में आतंकियों के प्रति ये अघोषित संरक्षण कहीं सत्ता के दबाव में तो नहीं है?
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