झारखंड
NIA की बड़ी रेड, दो ट्रांसपोर्टरों के घर 7 घंटे छापेमारी,
Rajeshwari Nishad
4 Nov 2026 2:40 PM IST

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हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले में बुधवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की छापेमारी से हड़कंप मच गया। एनआईए की टीम ने शहर के दो ट्रांसपोर्टरों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। सुबह करीब चार बजे शुरू हुई कार्रवाई लगभग सात घंटे तक चली। इस दौरान जांच एजेंसी के अधिकारियों ने दोनों ठिकानों पर तलाशी ली और विभिन्न सामानों की पड़ताल की। परिवार के सदस्यों के अनुसार, टीम अपने साथ कुछ मोबाइल फोन और प्रिंटर-स्कैनर जैसी एक मशीन लेकर गई है। हालांकि, जांच एजेंसी ने अभी तक छापेमारी के कारणों और जब्त सामग्री के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
जानकारी के अनुसार, एनआईए की टीम बुधवार तड़के हजारीबाग के बाबा पथ स्थित सुभाष बारला गली पहुंची। यहां ट्रांसपोर्टिंग कारोबार से जुड़े उदय साव और प्रदीप कुमार साहू के आवासों पर तलाशी अभियान चलाया गया। बताया जा रहा है कि दोनों व्यक्ति आपस में रिश्तेदार हैं और पूर्व में ट्रांसपोर्टिंग व्यवसाय से जुड़े रहे हैं। अचानक केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम के पहुंचने से इलाके में हलचल बढ़ गई।छापेमारी को लेकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता बनी रही। सुबह-सुबह जांच एजेंसी की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोगों के बीच कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, एनआईए की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया कि दोनों ठिकानों पर किस मामले के संबंध में तलाशी ली गई।
सुबह चार बजे पहुंची थी एनआईए की टीम
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एनआईए की दो टीमें सुबह करीब चार बजे अलग-अलग ठिकानों पर पहुंचीं। अधिकारियों ने घरों में मौजूद लोगों से आवश्यक जानकारी लेने के साथ तलाशी अभियान शुरू किया। कार्रवाई के दौरान घर में रखे सामान और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।तलाशी अभियान करीब सात घंटे तक जारी रहा। इस दौरान जांच एजेंसी के अधिकारियों ने किन दस्तावेजों की जांच की और किन जानकारियों को महत्वपूर्ण माना, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।
छापेमारी समाप्त होने के बाद प्रदीप कुमार साहू और उनकी पत्नी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि एनआईए की टीम सुबह करीब चार बजे उनके आवास पर पहुंची थी। परिवार के अनुसार, अधिकारियों ने घर में काफी देर तक तलाशी ली।प्रदीप साहू ने दावा किया कि जांच के दौरान उनके घर से कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने बताया कि जांच एजेंसी अपने साथ कुछ मोबाइल फोन और प्रिंटर या स्कैनर जैसी एक मशीन लेकर गई है। परिवार के इन दावों की एनआईए की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की जानकारी
छापेमारी के बाद सबसे अधिक चर्चा जांच एजेंसी द्वारा कथित तौर पर साथ ले जाए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की हो रही है। परिवार के सदस्यों के मुताबिक, अधिकारियों ने कुछ मोबाइल फोन और एक मशीन अपने कब्जे में ली।जांच एजेंसियां विभिन्न मामलों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच करके आवश्यक जानकारी जुटाती हैं। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों में संपर्क विवरण, संदेश, दस्तावेज और लेनदेन से जुड़ी जानकारी हो सकती है। हालांकि, इस विशेष मामले में एनआईए ने किन उपकरणों को किस उद्देश्य से लिया, यह स्पष्ट नहीं किया है।यह भी सामने नहीं आया है कि जब्त बताए जा रहे उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा या नहीं। जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही इस संबंध में स्थिति साफ हो सकेगी।
किस मामले में हुई छापेमारी, अभी स्पष्ट नहीं
हजारीबाग में हुई एनआईए की इस कार्रवाई को लेकर कई सवाल बने हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर जांच एजेंसी ने दोनों ट्रांसपोर्टरों के ठिकानों पर छापेमारी क्यों की।अब तक उपलब्ध जानकारी में किसी विशेष मामले, प्राथमिकी या आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में दोनों ट्रांसपोर्टरों को किसी आपराधिक गतिविधि से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा।एनआईए देश की प्रमुख केंद्रीय जांच एजेंसियों में शामिल है। एजेंसी राष्ट्रीय सुरक्षा और अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की जांच करती है। हालांकि, किसी व्यक्ति के आवास पर एनआईए की तलाशी होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति किसी अपराध का दोषी है।छापेमारी के दौरान एजेंसी साक्ष्य जुटाने, दस्तावेजों की जांच करने अथवा किसी मामले से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के उद्देश्य से भी कार्रवाई कर सकती है।
गिरफ्तारी को लेकर अलग-अलग जानकारियां
इस मामले में किसी की गिरफ्तारी होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जांच एजेंसी की एक टीम एक व्यक्ति को अपने साथ लेकर गई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि संबंधित व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया गया, हिरासत में लिया गया या उसकी गिरफ्तारी हुई।दूसरी ओर, परिवार की ओर से सामने आई जानकारी में मुख्य रूप से तलाशी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने का उल्लेख किया गया है। इसलिए आधिकारिक पुष्टि मिलने तक किसी गिरफ्तारी का दावा करना उचित नहीं होगा।
परिवार के बयान के बाद बढ़ी उत्सुकता
प्रदीप साहू और उनके परिवार के सदस्यों के बयान सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। परिवार का कहना है कि जांच के दौरान घर में कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला।हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से अब तक न तो परिवार के दावों पर कोई प्रतिक्रिया दी गई है और न ही यह बताया गया है कि तलाशी के दौरान क्या जानकारी प्राप्त हुई।किसी भी जांच में परिवार का बयान और जांच एजेंसी की आधिकारिक जानकारी अलग-अलग स्रोत होते हैं। इसलिए मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए एनआईए की ओर से जारी विवरण महत्वपूर्ण होगा।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल हजारीबाग में दो ट्रांसपोर्टरों के ठिकानों पर हुई एनआईए की सात घंटे लंबी छापेमारी के बाद कई सवाल अनुत्तरित हैं। जांच एजेंसी ने तलाशी के उद्देश्य, संभावित बरामदगी और आगे की कार्रवाई के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।अब यह देखना होगा कि एनआईए इस कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी करती है या नहीं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दो ठिकानों पर तलाशी ली गई है और परिवार ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण साथ ले जाने की बात कही है। मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
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