
रांची। रांची विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों के लिए राहत और उत्साह बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। विश्वविद्यालय ने इंटर कॉलेज प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों और टीम के साथ जाने वाले कोच व मैनेजर के भत्ते में बड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। अब खिलाड़ियों को 300 रुपये की जगह 550 रुपये भत्ता मिलेगा, जबकि कोच और मैनेजर को 400 रुपये के स्थान पर 700 रुपये दिए जाएंगे। खिलाड़ियों के भत्ते में करीब 83 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के सभी खिलाड़ियों का जीवन बीमा कराने का भी निर्णय लिया गया है।
यह निर्णय मंगलवार को कुलपति डॉ. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित रांची विश्वविद्यालय स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की बैठक में लिया गया। बैठक में विश्वविद्यालय की खेल गतिविधियों, खिलाड़ियों की सुविधाओं और नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान कुलपति ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय खेल प्रतिभाओं के मामले में समृद्ध है और विश्वविद्यालय का दायित्व है कि नई प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उचित प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कॉलेज स्तर पर ऐसे खिलाड़ियों की पहचान की जाए, जो आगे विश्वविद्यालय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
अब तक इंटर कॉलेज प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को 300 रुपये का भत्ता मिलता था। लंबे समय से इस राशि को बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। यात्रा, भोजन और अन्य खर्चों में बढ़ोतरी को देखते हुए खिलाड़ियों को मिलने वाली राशि पर्याप्त नहीं मानी जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड ने इसे बढ़ाकर 550 रुपये करने का निर्णय लिया।
कोच और मैनेजर के भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले उन्हें 400 रुपये मिलते थे, जिसे अब बढ़ाकर 700 रुपये कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि प्रतियोगिताओं में टीम के साथ जाने वाले कोच और मैनेजर की जिम्मेदारी भी काफी महत्वपूर्ण होती है। खिलाड़ियों की तैयारी, अनुशासन और प्रतियोगिता के दौरान जरूरी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी इन्हीं पर रहती है।
भत्ते में बढ़ोतरी के साथ खिलाड़ियों के जीवन बीमा का फैसला भी बैठक का महत्वपूर्ण निर्णय रहा। विश्वविद्यालय के सभी खिलाड़ियों का जीवन बीमा कराया जाएगा। खेल गतिविधियों के दौरान चोट या दुर्घटना का जोखिम बना रहता है, ऐसे में बीमा की सुविधा खिलाड़ियों और उनके परिवारों के लिए सुरक्षा प्रदान करेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, पर्याप्त संसाधन और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।
रांची विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न कॉलेजों के खिलाड़ी नियमित रूप से इंटर कॉलेज, इंटर यूनिवर्सिटी और अन्य प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। कई खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय अब खेल सुविधाओं को और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की बैठक में नई खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए कॉलेज स्तर पर गतिविधियां बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने कहा कि कई बार प्रतिभाशाली खिलाड़ी पर्याप्त अवसर और मार्गदर्शन नहीं मिलने के कारण आगे नहीं बढ़ पाते। विश्वविद्यालय को ऐसे विद्यार्थियों तक पहुंचना होगा और उन्हें प्रतियोगिताओं से जोड़ना होगा।
इसके लिए विभिन्न खेलों के ट्रायल, प्रशिक्षण शिविर और चयन प्रतियोगिताओं को अधिक व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया। विश्वविद्यालय की कोशिश रहेगी कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर पर ही पहचान कर बेहतर प्रशिक्षण दिया जाए।
बैठक में खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भेजने की प्रक्रिया को भी बेहतर बनाने पर चर्चा हुई। इसमें यात्रा, रहने, भोजन और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को समय पर सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई। अधिकारियों से कहा गया कि प्रतियोगिता में जाने वाली टीमों को अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो।
विश्वविद्यालय में खेलों का माहौल मजबूत करने के लिए विभिन्न कॉलेजों के बीच नियमित प्रतियोगिताएं आयोजित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया। इससे अधिक से अधिक विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा और विश्वविद्यालय को नई प्रतिभाएं मिल सकेंगी।
कुलपति डॉ. सरोज शर्मा ने स्पष्ट किया कि खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना विश्वविद्यालय की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को केवल प्रतियोगिता के समय नहीं, बल्कि पूरे वर्ष प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।
भत्ते में बढ़ोतरी से खिलाड़ियों के दैनिक खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है। प्रतियोगिताओं में शामिल होने के दौरान खिलाड़ियों को यात्रा, भोजन और अन्य आवश्यकताओं पर राशि खर्च करनी पड़ती है। नई दर लागू होने के बाद उन्हें पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
खिलाड़ियों के साथ कोच और मैनेजर के भत्ते में बढ़ोतरी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे टीमों के साथ जाने वाले अधिकारियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी और प्रतियोगिता प्रबंधन में भी आसानी होगी।
जीवन बीमा कराने का फैसला विश्वविद्यालय की खेल नीति में सुरक्षा से जुड़ा अहम कदम माना जा रहा है। इससे विभिन्न खेलों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त सुरक्षा कवच मिल सकेगा। बीमा की प्रक्रिया किस कंपनी या योजना के तहत होगी और इसके लिए क्या नियम तय किए जाएंगे, इसकी विस्तृत व्यवस्था विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की जाएगी।
स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की बैठक में लिए गए फैसलों से विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। लंबे समय से भत्ते में बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी और अब इसे मंजूरी मिलने से खिलाड़ियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
रांची विश्वविद्यालय प्रशासन का लक्ष्य है कि खेलों में उसकी पहचान और मजबूत हो। इसके लिए नई प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण व्यवस्था, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और खिलाड़ियों की सुरक्षा पर एक साथ काम करने की योजना बनाई जा रही है।
कुल मिलाकर स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की बैठक खिलाड़ियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लेकर आई है। इंटर कॉलेज प्रतियोगिता का भत्ता 300 रुपये से बढ़ाकर 550 रुपये और कोच व मैनेजर का भत्ता 400 रुपये से बढ़ाकर 700 रुपये करने के साथ सभी खिलाड़ियों के जीवन बीमा का फैसला विश्वविद्यालय में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।





