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10 माह से नहीं मिली सैलरी
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के धारचूला क्षेत्र का एक युवक सऊदी अरब में मुश्किल हालात में फंसा हुआ है। परिजनों के मुताबिक दिनेश सिंह धामी को करीब 10 महीने से वेतन नहीं मिला है और आर्थिक तंगी के कारण उसके सामने खाने-पीने तक की समस्या खड़ी हो गई है। वह भारत लौटना चाहता है, लेकिन स्वदेश वापसी में भी दिक्कतें आ रही हैं। अब स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय दूतावास तक पहुंचाने की बात कही है।
दिनेश सिंह धामी मूल रूप से धारचूला क्षेत्र का रहने वाला है और रोजगार के लिए सऊदी अरब गया था। वह वहां जुबेल शहर में काम कर रहा है। परिवार के अनुसार शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन बाद में कंपनी की ओर से वेतन मिलना बंद हो गया। करीब 10 महीने से वेतन न मिलने के कारण दिनेश की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। घर पर मौजूद परिजन भी परेशान हैं। उनका कहना है कि लंबे समय से पैसा नहीं मिलने के कारण दिनेश के लिए रोजमर्रा का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि दिनेश भारत लौटना चाहता है, लेकिन उसे वापसी की अनुमति और जरूरी प्रक्रियाओं को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार का आरोप है कि कंपनी की तरफ से भी उसे पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश कुमार वर्मा ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र देकर दिनेश की स्थिति की जानकारी दी और जल्द से जल्द उसकी वतन वापसी सुनिश्चित कराने की अपील की।
मामले की जानकारी मिलने पर एसडीएम आशीष जोशी ने कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण को जिलाधिकारी के माध्यम से भारतीय दूतावास तक भेजा जाएगा, ताकि सऊदी अरब के संबंधित प्राधिकरण के सामने मामला उठाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि दिनेश को जरूरी सहायता दिलाने के लिए उपलब्ध आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जाएगा। यदि उसके दस्तावेज, रोजगार अनुबंध या कंपनी से जुड़ी कोई कानूनी अड़चन है तो उसे भी दूतावास के माध्यम से समझने और सुलझाने का प्रयास किया जाएगा।
परिवार ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से भी मदद की अपील की है। उनका कहना है कि दिनेश लंबे समय से विदेश में संकट झेल रहा है और अब उसकी जल्द से जल्द भारत वापसी होनी चाहिए। विदेश में काम करने वाले भारतीय श्रमिकों के मामलों में वेतन विवाद और नियोक्ता द्वारा दस्तावेज रोके जाने जैसी समस्याएं पहले भी सामने आती रही हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास स्थानीय प्रशासन तथा वहां की एजेंसियों से संपर्क कर सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।
दिनेश के मामले में सबसे पहले यह पता लगाना जरूरी होगा कि उसके भारत लौटने में वास्तविक कानूनी या प्रशासनिक बाधा क्या है। यदि नियोक्ता से कोई विवाद है तो उसे स्थानीय श्रम प्राधिकरण के माध्यम से उठाया जा सकता है। परिवार फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई पर उम्मीद लगाए बैठा है। उन्हें भरोसा है कि मामला भारतीय दूतावास तक पहुंचने के बाद दिनेश को वेतन विवाद और स्वदेश वापसी दोनों में मदद मिल सकेगी।
धारचूला जैसे सीमांत क्षेत्र से रोजगार के लिए विदेश जाने वाले कई युवाओं के लिए यह मामला चिंता का विषय भी है। विदेश में नौकरी करने से पहले रोजगार अनुबंध, कंपनी की विश्वसनीयता और वीजा की शर्तों की जानकारी होना बेहद जरूरी माना जाता है। फिलहाल दिनेश सिंह धामी सऊदी अरब के जुबेल में है और प्रशासन उसके मामले को भारतीय दूतावास तक पहुंचाने की प्रक्रिया में है। परिवार को अब उम्मीद है कि जल्द कोई समाधान निकलेगा और दिनेश सुरक्षित अपने घर लौट सकेगा।
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