झारखंड

अजय सिंह को JHARERA की बड़ी जिम्मेदारी

Saba Naaz
6 July 2026 4:24 PM IST
अजय सिंह को JHARERA की बड़ी जिम्मेदारी
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Jharkhand सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विवादों और मामलों के त्वरित निपटारे के लिए बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने झारखंड भू-संपदा नियामक प्राधिकरण (JHARERA) के अध्यक्ष और सदस्य पद पर नई नियुक्तियों की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा सोमवार, 6 जुलाई 2026 को यह आदेश राज्यपाल के निर्देश पर जारी किया गया।

जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) एवं सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी अजय कुमार सिंह को JHARERA का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार को प्राधिकरण का सदस्य बनाया गया है। इन दोनों नियुक्तियों को केंद्रीय अधिनियम ‘भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016’ की धारा 20 और 22 के तहत लागू किया गया है। यह निर्णय राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय चयन समिति की सिफारिश के आधार पर लिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, चयन समिति की रिपोर्ट के बाद दोनों नामों को अंतिम मंजूरी दी गई। लंबे समय से प्राधिकरण में शीर्ष पद खाली होने के कारण कई प्रशासनिक और कानूनी कार्य प्रभावित हो रहे थे। अब नई नियुक्तियों के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और रियल एस्टेट से जुड़े विवादों का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

JHARERA राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को नियंत्रित करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाला प्रमुख नियामक निकाय है। इसका मुख्य कार्य सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं का पंजीकरण करना, बिल्डरों और खरीदारों के बीच पारदर्शिता बनाए रखना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है। इसके अलावा रियल एस्टेट से जुड़े विवादों और शिकायतों का कानूनी निपटारा भी इसी प्राधिकरण के तहत किया जाता है।

सरकार का मानना है कि नए अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति के बाद प्राधिकरण के कामकाज में गति आएगी और जनता को लंबित मामलों में जल्द राहत मिल सकेगी। साथ ही रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। लंबे समय से रुके हुए निर्णय अब तेजी से आगे बढ़ सकते हैं, जिससे खरीदारों और बिल्डरों दोनों को फायदा मिलने की संभावना है।

रांची से मिली जानकारी के अनुसार, यह नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब रियल एस्टेट से जुड़े कई मामलों पर निर्णय लंबित थे और लोगों की शिकायतों का समाधान धीमी गति से हो रहा था। नई टीम के आने के बाद उम्मीद की जा रही है कि सिस्टम में सुधार होगा और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।

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