झारखंड
आध्यात्मिक के बाद मेडिकल टूरिज्म हब बनेगा देवघर हिमंत सरमा का बड़ा दावा
Ratna Netam
23 Sept 2026 9:35 PM IST

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देवघर। झारखंड के देवघर में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में बुधवार को एक नई शुरुआत हुई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट अस्पताल का उद्घाटन किया। 750 बिस्तरों वाला यह आधुनिक मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट और पी.डी. हिंदुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर की संयुक्त पहल है। अस्पताल का उद्देश्य देवघर के साथ संताल परगना और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम के कारण देवघर पहले से देश के प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल है और नई स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास के साथ यह शहर आने वाले समय में मेडिकल टूरिज्म के केंद्र के रूप में भी पहचान बना सकता है। देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है और यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।नया अस्पताल देवघर के दर्दमारा क्षेत्र में स्थापित किया गया है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक चिकित्सा तकनीक और मल्टी-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसका फायदा विशेष रूप से संताल परगना और आसपास के क्षेत्रों के उन मरीजों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें गंभीर या जटिल बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।
मेडिकल कॉलेज बनाने की भी योजना
हिमंत बिस्वा सरमा ने उद्घाटन समारोह में कहा कि भविष्य में इस अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज विकसित करने की भी योजना है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ मेडिकल शिक्षा के अवसर भी बढ़ सकते हैं। कार्यक्रम से पहले गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने भी कहा था कि भविष्य में अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की योजना है।मेडिकल कॉलेज स्थापित होने पर स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर तैयार हो सकते हैं। साथ ही अस्पताल को डॉक्टरों और दूसरे स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए जरूरी नियामकीय मंजूरियां और अन्य प्रक्रियाएं अलग से पूरी करनी होंगी।सरमा ने अस्पताल को जनसेवा से जोड़ते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा उनके लिए महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम आय वर्ग के लोगों तक भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का काम करेगा।
संताल परगना और बिहार के मरीजों को भी फायदा
देवघर की भौगोलिक स्थिति के कारण नए अस्पताल का लाभ केवल स्थानीय लोगों तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। देवघर के आसपास संताल परगना के कई जिले हैं, जबकि बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक अस्पताल से संताल परगना के साथ बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।अब तक गंभीर बीमारियों और सुपर स्पेशलिटी उपचार के लिए क्षेत्र के कई मरीजों को रांची, पटना, कोलकाता या दूसरे बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता रहा है। नया अस्पताल स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास है।पी.डी. हिंदुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत संस्थान है। देवघर की नई परियोजना में उसके अनुभव को बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट के स्थानीय स्वास्थ्य सेवा प्रयासों के साथ जोड़ा गया है। उद्घाटन कार्यक्रम में बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट की चेयरपर्सन अनामिका गौतम और हिंदुजा अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पहले से मौजूद है AIIMS देवघर
देवघर में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में AIIMS की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्र सरकार ने 2018 में देवघर में 750 बिस्तरों वाले AIIMS की स्थापना को मंजूरी दी थी। परियोजना में ट्रॉमा सेंटर, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और स्पेशलिटी तथा सुपर स्पेशलिटी विभागों की व्यवस्था शामिल थी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2022 में AIIMS देवघर की इन-पेशेंट और ऑपरेशन थिएटर सेवाओं को राष्ट्र को समर्पित किया था। केंद्र सरकार ने इसे क्षेत्र में सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने वाली परियोजना बताया था।अब बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट और पी.डी. हिंदुजा अस्पताल की नई सुविधा जुड़ने से देवघर में सरकारी और निजी दोनों स्तरों पर स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ा है।
देवघर को मेडिकल टूरिज्म से जोड़ने की उम्मीद
देवघर की पहचान मुख्य रूप से बाबा बैद्यनाथ धाम और श्रावणी मेले के कारण धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में रही है। जिला प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार बाबा बैद्यनाथ मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक स्थित है और श्रावण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि बेहतर अस्पताल और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता देवघर को मेडिकल टूरिज्म की दिशा में भी आगे बढ़ा सकती है। इसका अर्थ है कि आसपास के राज्यों और जिलों से मरीज इलाज के लिए देवघर आ सकेंगे।हालांकि किसी शहर के बड़े मेडिकल टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित होने के लिए अस्पताल के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता, इलाज की गुणवत्ता, लागत, परिवहन, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। नए अस्पताल के शुरू होने को इसी दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है।उद्घाटन समारोह में गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे, बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट की चेयरपर्सन अनामिका गौतम, पी.डी. हिंदुजा हॉस्पिटल के सीईओ गौतम खन्ना, ट्रस्ट के सीईओ युवराज सिंह और AIIMS देवघर के निदेशक डॉ. नितिन गंगने सहित कई लोग मौजूद रहे।750 बिस्तरों वाले नए अस्पताल की शुरुआत से देवघर और आसपास के क्षेत्रों में इलाज के विकल्प बढ़ने की उम्मीद है। आने वाले समय में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होता है तो धार्मिक पर्यटन के लिए प्रसिद्ध देवघर स्वास्थ्य सेवा और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी भूमिका बढ़ा सकता है।
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