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हथियारबंद नक्सल खत्म लेकिन 'दिमागी नक्सल' अब भी मौजूद बाबूलाल मरांडी

SHIDDHANT
23 Sept 2026 8:05 PM IST
हथियारबंद नक्सल खत्म लेकिन दिमागी नक्सल अब भी मौजूद बाबूलाल मरांडी
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Ranchi रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित सरला बिड़ला यूनिवर्सिटी में बुधवार को ‘नक्सल-मुक्त भारत’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन ए. सिन्हा और मृत्युंजय शर्मा की किताब ‘नक्सल मुक्त भारत’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित भाजपा के कई नेता शामिल हुए। कार्यक्रम की घोषणा में इसे माओवादी हिंसा और केंद्र सरकार की नीति पर केंद्रित चर्चा बताया गया था।
कार्यक्रम के दौरान बाबूलाल मरांडी ने नक्सलवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने हथियारबंद नक्सलवाद के कमजोर होने के साथ-साथ नक्सली विचारधारा को लेकर भी चिंता जताई थी। प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रकाशित 15 अगस्त 2026 के भाषण के आधिकारिक पाठ में मोदी ने कहा था कि सशस्त्र नक्सलियों को खत्म करने में सफलता मिली है, लेकिन उन्होंने जिसे ‘मेंटल नक्सल’ कहा, उससे सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे तत्वों की पहचान और उन्हें अलग-थलग करने तथा युवाओं को विकसित भारत के निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने की बात कही थी।
इसी संदर्भ में बाबूलाल मरांडी ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई केवल हथियारों तक सीमित नहीं है बल्कि यह विचारधारा से जुड़ी लड़ाई भी है। मरांडी के मुताबिक ऐसे लोगों और विचारों की पहचान करने की आवश्यकता है जो हिंसा और नक्सलवाद को बढ़ावा देते हैं। यह भाजपा नेता का राजनीतिक दृष्टिकोण है और ‘दिमागी नक्सल’ कोई कानूनी श्रेणी नहीं है।
प्रधानमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में नक्सल-माओवादी हिंसा को लेकर सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि सरकार देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है और जिन इलाकों में कभी नक्सली हिंसा का प्रभाव था वहां विकास तथा सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ी है।
सरला बिड़ला यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में ‘नक्सल मुक्त भारत’ पुस्तक के माध्यम से नक्सलवाद, माओवादी हिंसा और इससे निपटने की सरकारी रणनीति पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार वर्मा समेत अन्य भाजपा पदाधिकारियों की भागीदारी भी निर्धारित थी। बाबूलाल मरांडी के बयान के बाद नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा कार्रवाई के साथ वैचारिक स्तर पर मुकाबले का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आया है। केंद्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियानों के साथ विकास और मुख्यधारा से जोड़ने की नीति को अपनी रणनीति का हिस्सा बताती रही है।
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